Exclusive: कश्मीर पुलिस की अपेक्षा महाराष्ट्र की पुलिस अधिक हिंसक

देश में हुए कुल लाठीचार्ज मामले में नजर डाली जाए तो जितने लोग जख्मी हुए हैं उसमें भी 50 फीसदी नागरिक महाराष्ट्र में हुए लाठीचार्ज से घायल हुए हैं, जबकि इसी साल कश्मीर में हुए लाठीचार्ज में कुल 49 लोग घायल हुए हैं।

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एक जानकारी के मुताबिक पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने में महाराष्ट्र की पुलिस देश में नंबर वन पर है। कश्मीर जैसे राज्य में जहां अकसर पुलिस और आम लोग आये दिन आमने सामने खड़े हो जाते हैं, उसमें भी महाराष्ट्र कश्मीर से आगे हैं। इस मामले में राज्य की पुलिस पर साल 2017 में 456 आपराधिक मामले दर्ज हुए और 327 मामलों में चार्जशीट दाखिल हुए। लेकिन इसमें भी चौकने वाली बात यह है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी आज तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जबकि 35 मामले ऐसे हैं जिसमें जांच के दौरान ही केस रद्द कर दिए गए।

कश्मीर से आगे महाराष्ट्र 
राज्य में 2017 पुलिद द्वारा किये गए लाठीचार्ज में 230 लोग जख्मी हुए थे। अगर देश भर की बात की जाएँ तो यह आंकड़ा 447 तक है। इस हिसाब से 50 फीसदी से भी अधिक मामला महाराष्ट्र में घटित हुआ है। यही नहीं देश में हुए कुल लाठीचार्ज मामले में नजर डाली जाए तो जितने लोग जख्मी हुए हैं उसमें भी 50 फीसदी नागरिक महाराष्ट्र में हुए लाठीचार्ज से घायल हुए हैं, जबकि इसी साल कश्मीर में हुए लाठीचार्ज में कुल 49 लोग घायल हुए हैं।

कोर्ट के आदेश पर धिकरण की स्थापना
बढ़ती हुई शिकायतों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर लगाम लगाने के लिए उसी साल जनवरी महीने में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण की स्थापना की। साल भर के अंदर ही इस प्राधिकरण के पास शिकायतों का अंबार लग गया। इस  प्राधिकरण के पास 649 शिकायतें दर्ज हुई।

यही नहीं इस साल 5 लोगों का एक ऐसा भी आंकड़ा आया, जिनकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गयी थी, जबकि इनके खिलाफ पुलिस के पास रिमांड रखने का भी आदेश नहीं था।  

पुलिस रिमांड में 10 लोगों के मौत होने की भी खबर है, साथ ही 7 लोगों ने तो जेल में ही आत्महत्या कर ली जबकि एक आरोपी की मौत पुलिस की पिटाई से हुई।

साल में पुलिस की कस्टडी में हुई मौत का आंकड़ा कुल 7 है। इस बारे में एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि, पुलिस के खिलाफ अगर हमारे पास कोई शिकायत आती है तो हम उस पर तत्काल कार्रवाई करते हैं।  

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