SHARE

अभी हाल ही में मुंबई की एक शिक्षिका को उसके एक तथाकथित फेसबुक फ्रेंड ने हजारों रुपए के चुना लगाया था। इस मामले में पुलिस ने बैंगलोर से दो नाइजीरियनों को गिरफ्तार किया है।  इनके नाम चिनेडु श्रीवेंसा ओरजी, माइक उड्डे जिडेन है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन दोनों ने इसी तरह से एनी कई लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

क्या था मामला?

बताया जाता है कि एनएम जोशी मार्ग इलाके में रहने वाली इस महिला को पिछले साल सितंबर महीने में अरविंद कुमार नामके एक शख्स ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा था। जिसे महिला ने एक्सेप्ट भी कर लिया। इसके बाद अरविंद आये दिन महिला को फेसबुक से चैट कर हाय, हैलो लिख कर भेजता था जिसके जवाब में महिला भी उसका अभिवादन करती।

इसी तरह चैट करते दोनों काफी कुछ बात करने लगे थे। महिला द्वारा पूछने पर उस अरविंद ने अपने आप को अमेरिका की नेवी में कैप्टन के पद पर नौकरी करने वाला बताया और कहा कि इस समय उसकी ड्यूटी हॉलैंड में लगी है। इसी तरह से दोनों के बीच और भी घनिष्टता बढ़ती गयी।

एक दिन उस तथाकथित कैप्टन अरविंद ने महिला टीचर से उसका मोबाइल नंबर मांगा और कहा कि वह उसे एक गिफ्ट भेजना चाहता है, और गिफ्ट का फोटो वाट्सऐप करना चाहता है। महिला ने जब अपना मोबाइल नंबर दे दिया तो थोड़े ही देर में उसके वाट्सऐप पर एक सोने के नेकलेस का हार आया। महिला द्वारा गिफ्ट पसंद करने पर शख्स ने कहा कि थोड़े ही दिन में वह उसे गिफ्ट भेज देगा।

2-3 दिन बाद महिला को एक फोन आया, फोन पर एक महिला ने कहा कि उसका पार्सल आय है, और उस पार्सल को छुड़ाने के लिए कस्टम के रूप में 68 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे।

इसके बाद महिला टीचर ने दिए गये अकाउंट नंबर पर 68 हजार रुपए भेज दिया। यह अकाउंट किसी जकीउल्ला शरीफ के नाम पर था। कुछ घंटे बाद ही टीचर को फिर उसी महिला ने फोन कर कहा कि आपका पार्सल विदेश से आया है उसका चालान भी विदेश में बना हुआ है, इसीलिए आपको 2 लाख रुपए चालान भरना होगा और अगर आपने यह चालान नहीं भरा तो जेल भी जाना पड़ जा सकता है।

जब महिला ने इस बाबत अपने फ्रेंड कैप्टन से पूछा तो उसने बताया कि उसने खर्चे के लिए 30 हजार डॉलर भी भेजा है। इसके बाद फोन करने वाली महिला ने टीचर को दिल्ली के महिंद्रा कोटक बैंक का खाता दिया और उसमें पैसे भेजने को कहा।

लेकिन महिला को इतने भर से ही विश्वास नहीं हुआ, वह फोर्ट स्थित कस्टम हाउस पहुंची। जब उसने अपने नाम से कोई पार्सल आने की इन्क्वायरी की तो वहां के अधिकारी ने ऐसा कोई भी पार्सल आने से इनकार किया। इसके बाद महिला टीचर को यह समझते देर नहीं लगी कि उसे ठगा जा रहा है।  टीचर ने 15 जनवरी के दिन N.M जोशी मार्ग पहुंच कर पुरे मामले को बताया और शिकायत भी दर्ज कराई। 

पुलिस ने सबसे पहले उस खाते की पड़ताल की, पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जिसके नाम पर खाता था यानी जकीउल्ला शरीफ को. गिरफ्तारी के बाद शरीफ ने बताया कि यह खाता भले ही उसका है लेकिन इसे यूज नरेश चिरोम नामका एक दुसरा शख्स करता है। नरेश मणिपुर का रहने वाला था और शरीफ का मित्र था।

इसके बाद पुलिस ने नरेश को गिरफ्तार किया। नरेश ने जो बताया पुलिस उसे सुन कर सकते में आ गयी। नरेश ने बताया कि बैंगलोर में कुछ नाइजीरियन बेरोजगार युवकों को काम देते थे और उनके नाम पर बैंक अकाउंट खोल कर देते थे जिसे वे खुद ही ऑपरेट करते थे। पुलिस ने सूचना के आधार पर इन दोनों नाइजीरियनों चिनेडु श्रीवेंसा ओरजी और माइक उड्डे जिडेन को आखिर गिरफ्तार कर ही लिया। अब पुलिस इन दोनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।  

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें