EXCLUSIVE- मुंबई पुलिस के सीसीटीवी ऑपरेटर हड़ताल पर

सीसीटीवी ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने के कारण अब लोगों के सामने सुरक्षा के लिए काफी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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एक ओर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के कारण सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया है तो वही दूसरी ओर वेतन के  मुद्दे को लेकर मुंबई पुलिस के सीसीटीवी ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए है। सीसीटीवी  ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने के कारण अब लोगों के सामने सुरक्षा के लिए काफी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।  

मुंबई में 26/11 आतंकवादी हमलों के बाद, शहर के सामने 6000 सीसीटीवी कैमरों का एक नेटवर्क स्थापित किया गया था। यह सीसीटीवी प्रणाली एलएंडटी कंपनी को गृह विभाग द्वारा दी गई थी। इसलिए सीएमएस कंपनी को इस सीसीटीवी कैमरे के रखरखाव, परिचालन और तकनीकी समस्याओं का काम सौंपा गया था। इन सीसीटीवी कैमरों की मदद से मुंबई पुलिस कमिश्नर पुलिस मुख्यालय के पांचवें मंजिल से मुंबई के कोनों पर नजर रखते है।इस सीसीटीवी कंट्रोल रूम में मुख्य रूप से पूर्व पुलिसकर्मियों के बच्चे काम कर रहे हैं। पिछले छह महीनों से, उन कर्मचारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

अनुबंध के अनुसार, महीने की 8  तारीख वेतन होना चाहिये लेकिन पिछलें कई महिनों से पगार 14 तारीख को आ रही है।  कई लोगों का  ढाई साल से पीएफ नहीं दिखाया गया है। काम करनेवालों ने इसकी शिकायक की बार की लेकिन इनकी शिकायतो पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसे देखते हुए मंगलवार को 43 कर्मचारियों ने कां बंद कर दिया।  फिलहाल कंट्रोल का काम चलाने के लिए जोनल कंट्रोल रुम की मदद ली जा रही है।  कंट्रोंल रुम में अभी सिर्फ 10 लोग ही काम कर रहे है और चार शिफ्ट में होनेवाला काम फिलहार दो शिफ्ट में हो रहा है।  

इस बारे में बात करते हुए मुंबई पुलिस के प्रवक्ता और डीसीपी प्रणय अशोक का कहना है कि, जो ऑपरेटर हड़ताल पर हैं उनसे मुंबई पुलिस का कुछ भी लेना देना नहीं है क्योंकि वे मुंबई पुलिस से नहीं जुड़े हुए नहीं हैं सीसीटीवी ऑपरेटर का काम निजी कंपनियों को सौंपा गया है ये कर्मचारी भी उन्हें के मातहत आते हैं इसीलिए मुंबई की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है, पुलिस अपना काम बखूबी कर रही है


इन सीसीटीवी की सहायता से मुंबई पुलिस ने कई तरह के अपराधों को हल किया है।  सीसीटीवी की वजह से कई जगहों पर आरोपी की पहचान भी की गई है।  मुंबई में सीसीटीवी प्रणाली में विश्व स्तरीय और उच्च क्षमता वाले 1492  कैमरे, 20 थर्मल कैमरे4850  फिक्स्ड बॉक्स कैमरे शामिल हैं। ये कैमरे शहर के  संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए हैं। 1 सितंबर 2017 से अक्टूबर 2018 की अवधि के दौरान, मुंबई में सीसीटीवी की मदद से 700आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस ने 1200 से अधिक अपराधों को सुलझाने के लिए सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल किया। पुलिस 520 से अधिक अपराधों को सुलझाने में सफल रही।

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