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मुंबई पुलिस पर लगातार रिश्वतखोरी के आरोप लगते रहे हैं। पर पुलिस इन आरोपों से खुद को दरकिनार करती आई है। मार्च 2017 में एन्टी करप्शन ब्यूरो ने बॉम्बे हाइकोर्ट के सामने एक रिपोर्ट भी पेश की थी जिसमें दावा किया गया था कि ट्रैफिक पुलिस डिपार्टमेंट पर किसी भी तरह के रिश्वतखोरी के केस दर्ज नहीं हुए हैं। पर ये जो  हुआ सुनकर एक बार फिर लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठने लगेगा।

दरअसल शुक्रवार सुबह 10 बजे के आस पास  एक ऑटोरिक्शा जुहू की ओर जा रहा था, पर रिक्शावाले ने गलती से मिस्टेक कर दी यानी सिंग्नल तोड़ दिया। जिसे ट्रैफिक हवलदार ने रोका और एक कोने में मांडोली शुरू हो गई। नतीजा यह निकला कि रिक्शा चालक को रिश्वत के रूप में ट्रैफिक हवलदार को 50 रुपये की नोट थमानी पड़ी। यह घटना मौके पर मौजूद मुंबई लाइव के रिपोर्टर शिव कटैहा ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली।

इस पर ऑटो रिक्शा चालक का कहना है कि मैंने जब सिंग्नल क्रॉस कर लिया था तभी रेड लाइट जली और ट्रैफिक हवलदार ने मुझे पकड़ लिया और मुझसे 200 रुपये की मांग की गई। जब मैंने कहा कि मेरी गलती नहीं है तो उसने 50 रुपये लेकर मुझे छोड़ दिया।

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