लड़के ने सुसाइड करने की जानकारी दी twitter पर, इस तरह से बची जान

बेडेकर को मेडिकल चेकअप के लिए हॉस्पिटल भेज दिया गया, साथ ही बेडेकर की काउंसलिंग भी की गयी। बाद में बेडेकर ने आत्महत्या करने का विचार त्याग दिया।

लड़के ने सुसाइड करने की जानकारी दी twitter पर, इस तरह से बची जान
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मुंबई पुलिस की IT सेल के हाथ-पांव उस समय फुल गये जब उन्होंने ट्विटर पर एक सुसाइड से संबंधित पोस्ट देखा। दरअसल एक युवक ने अपने ट्विटर पेज पर सुसाइड करने की बात लिखी थी। इसके बाद पुलिस ने उस शख्स को खोज कर उसे समझाया और उसका माइंड डाइवर्ट करके उसे सुसाइड करने से बचाया।

क्या है मामला?

मामला रविवार का है, जब मुंबई पुलिस की IT सेल में काम करने वाले पुलिस कांस्टेबल समीर साल्वे को एक पोस्ट दिखी। पोस्ट देखते ही समीर चौंक गये। पोस्ट में लिखा था कि, 'अगर मैं सुसाइड करता हूँ तो इस अपराध  की क्या सजा होगी।' इस पोस्ट Nilesh Bedekar@bedekarnilesh नामके ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया  गया था।

इसके बाद समीर ने इसकी खबर अपने सीनियरों को दी। पुलिस ने तत्काल नीलेश बेडेकर का अकाउंट चेक कर उसमें से समीर का मोबाइल नंबर निकाला और उस मोबाइल नंबर से ही समीर का लोकेशन ट्रेस किया गया, उसका लोकेशन गोरेगांव ईस्ट दिखा रहा था। यही नहीं पुलिस ने समीर को फोन कर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की।

इसके साथ ही पुलिस की IT सेल ने वनराई पुलिस को भी सूचित करते हुए निलेश बेडेकर का पता दिया और सारी बात बताई। इसके बाद वनराई पुलिस के सीनियर अधिकारी महेश निवेतकर तत्काल अपनी टीम के साथ  नीलेश बेडेकर के घर पहुंचे और निलेश बेडेकर को पुलिस स्टेशन लेकर आए, वहां से बेडेकर को मेडिकल चेकअप के लिए हॉस्पिटल भेज दिया गया, साथ ही बेडेकर की काउंसलिंग भी की गयी। बाद में बेडेकर ने आत्महत्या करने का विचार त्याग दिया।

इस तरह से पुलिस के एक कदम ने एक इंसान की जान बचा ली। अब मुंबई पुलिस की इस सक्रियता की प्रशंसा सभी कर रहे हैं।

इस बारे में मुंबई पुलिस ने कहा है कि, आत्महत्या करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। कोई भी समस्या हो तो अपने घर वालों से या फिर मित्रो या परिचितों से बताए और उसका समाधान करने का उपाय करें।

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