अपराधियों को पुलिस नहीं CCTV पकड़ता है...

सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि मुंबई, पुणे और नागपुर शहरों में लगभग 9,800 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं जो अपराधों का पता लगाने में बहुत मददगार रहा है।

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सरकार और पुलिस प्रशासन की तरफ से अपराधों पर नियंत्रण रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी लगाया है। अब इसका फायदा भी मिलता दिख रहा है। सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि मुंबई, पुणे और नागपुर शहरों में लगभग 9,800 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं जो अपराधों का पता लगाने में बहुत मददगार रहा है। इन सीसीटीवी से अब तक 1100 से अधिक अपराधों को सुलझाने में मदद मिली है।

कई अपराधों को सुलझाने में मिली सहायता 
वर्तमान में, मुंबई शहर के 1510 स्थानों में 5000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुणे शहर में 425 स्थानों पर 1234 कैमरे लगाए गए हैं। पुणे शहर में सीसीटीवी उल्लंघन के मामले में लगभग 14 लाख ई-चालान फाड़े गए हैं। शहर में कुल 216 अपराधों का खुलासा करते हुए फुटेज का इस्तेमाल कई अपराधों को सुलझाने में किया गया है।

सात लाख लोगों के खिलाफ ई-चालान
जबकि मुंबई में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले सात लाख लोगों के खिलाफ सीसीटीवी की सहायता से ई-चालान जारी किया गया था। और लगभग 2100 अपराध की जांच में सीसीटीवी फुटेज की सहायता ली गई। मुंबई शहर में अतिरिक्त 5625 सीसीटीवी कैमरों को मंजूरी दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर, मुंबई और पुणे शहर में कुल 972 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।  

कई घटनाएं हुईं नियंत्रित 
यही नहीं सीसीटीवी ने धार्मिक और सार्वजनिक समारोहों, मोर्चों, आंदोलन, महत्वपूर्ण लोगों के दौरे, चुनाव आदि महत्वपूर्व  घटनाओं को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना संभव बना दिया है।

और भी कई परियोजनाएं
पिछले पांच वर्षों में, राज्य सरकार ने उचित कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को लागू किया है। इनमें CCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) प्रोजेक्ट के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर CCTV सिस्टम की स्थापना, जिसमें अपराध और क्राइम ट्रैकिंग नेटवर्क शामिल हैं।

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