इस पढ़े लिखे और पैसे वाले बिजनसमैन ने जो किया उसे क्या कहेंगे आप?

इतिहास गवाह है उंचे-उंचे महलों में रहने वाले बंद दरवाजे के पीछे ऐसी-ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है जो गरीब सोच तक नहीं सकता।

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कुछ दिन पहले कुलाबा के एक अनिल चुगानी नामके एक शख़्स ने अपने दोस्त की 3 साल की मासूम बच्ची को सातवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया था। पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ था की अनिल चुगानी अंधविश्वास  में आकर अपने दोस्त की 3 साल की मासूम बच्ची को सातवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि सारा मामला ब्लैक मैजिक यानी काला जादू से जुड़ा हुआ था।

अनिल चुगानी मुंबई के कुलाबा इलाके में रहता था, बिजनसमैन था। इसका बिजनस विदेशों तक फैला था।बिजनस के सिलसिले में कई बार विदेश आता-जाता रहता था। चुगानी के बारे में इतना कुछ जान लेने के बाद आप यह भी समझ गये होंगे कि वह पढ़ा लिखा पैसे वाला है, अच्छी सोसायटी और बड़े लोगों के बीच उठाना बैठना होगा। बाहर से देखने पर यही पता चलता है कि चुगानी एक वेल सेटल बिजनसमैन है जिसकी लाइफ सेट थी।

लेकिन इस 'वेल सेटल' बिजनसमैन के दिमाग में एक ऐसा कीड़ा भी पनप सकता है जिसे समाज विकृत मानसिकता का नाम देती है, क्योंकि अकसर यह समाज इस तरह के काम करने वालों को और ऐसी विकृत मानसिकता वालों को गरीबी, अशिक्षित, पिछड़ा होने जैसे स्तर से जोड़ कर देखती है। यह हमारे समाज का दुर्भाग्य है कि एलिट क्लास के आदमी को शरीफ मान लिया जाता है और गरीब को हिकारत भरी नजर से देखा जाता है जबकि इतिहास गवाह है उंचे-उंचे महलों में रहने वाले बंद दरवाजे के पीछे ऐसी-ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है जो गरीब सोच तक नहीं सकता।

खैर आते हैं अनिल चुगानी पर, अनिल का बिजनस कुछ दिनों से घाटे में चल था। बिजनस को घाटे से उबारने के लिए कई प्रयास कर रहा था लेकिन बात नहीं बन रही थी। इसी बीच मोरक्को में उसे एक महिला मिली जिसने अनिल को बिजनस बढ़ाने के कुछ उपाय बताया। महिला ने कहा था कि अगर वह किसी जुडवा बच्चे की कुर्बानी देता है तो उसे खूब शोहरत मिलेगी। अनिल को वह बात जम गयी और वह उस उपाय को पूरा करने में जुट गया।

अनिल मोरक्को से अपने घर कुलाबा आता है और वह यहां आकर क्या  करता है यह किसी से छुपा नहीं है।गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने जो बातें बताई हैं वो और भी हैरान करने वाली है। उसने कहा कि वो सुपर नैचुरल पॉवर के कहने पर बच्‍ची को नीचे फेंका था।

पुलिस के हाथ लगे आरोपी की एक डायरी से ये पता चला कि वो हर रोज इस डायरी में ये लिखता था ' kill the twins to save ur life' और इसी वजह से वो विदेश से लौटने के बाद अपने पुराने दोस्त से मिला जिसकी 2 जुड़वा बेटी थी। उसने धीरे-धीरे प्रेम लाल से नजदीकी बढाई। प्रेम की जुड़वा बेटी थीं।

तमाम सबूत देख कर यही लगता है कि अनिल के लिए यह करना आसान नहीं था, इसके लिए उसने पहले अपने आपको मानसिक रूप से तैयार किया। इसीलिए वह प्रतिदिन डायरी में ' kill the twins to save ur life' लिखता था। यही नहीं बच्ची को ऊपर से फेकनें के बाद उसने खुद ही पुलिस को भी बुलाया था।

इतना पढ़ा लिखा आदमी आखिर कैसे जादू टोना अंधविश्वास में फंस कर ऐसी हरकतें कर सकता है। इसे समाज क्या कहेगा। अगर यही अनिल चुगानी कहीं स्लम में रहता होता तो अब तक सभी स्लम वाले अनिल चुगानी हो गये होते।

अनिल चुगानी जैसे अपराधी कहीं भी कभी भी हो सकते हैं, इनका गरीबी और अमीरी से कुछ लेना देना नहीं होता। यह स्थितियों और परिस्थियों पर भी निर्भर होता है। इसे एक अनपढ़ और पढ़ा लिखा भी अंजाम दे सकता है। तो ऐसे लोगों को पहचान कर उनसे सतर्क रहने की जरूरत है।

पढ़ें: अंधविश्वास की चपेट में आकर शख़्स ने अपने ही दोस्त की 3 साल की मासूम बच्ची की कर दी हत्या

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