मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में 25% की बढ़ोत्तरी, प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए, पुलिस बल अपर्याप्त है

मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में 25% की बढ़ोत्तरी, प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट
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मुंबई में महिलाओं पर अत्याचार (Crime on ladies) दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है।  प्रजा फाउंडेशन  (Praja foundation) के अनुसार, 2018-19 की तुलना में 2019-2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कोरोना संक्रमण  (Coronavirus) के दौरान   पुलिस की मौजूदगी के कारण अपराध दर में कमी आई लेकिन  महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार होती रहीं।


प्रजा फाउंडेशन ने 2019-20 की अवधि के लिए मुंबई में कानून और व्यवस्था और अपराध पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की।  यह मुंबई में पुलिस (Mumbai police)  की संख्या, अपराध के आंकड़ों, बिना जांच के अपराधों, दोषसिद्धि दर के बारे में जानकारी देनेवाली है।जबकि अन्य अपराधों में गिरावट आई है, बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे अपराध बढ़ गए हैं।  वर्ष 2018-19 में बलात्कार के 784 मामले और छेड़छाड़ के 2 हजार 533 मामले दर्ज किए गए।


वर्ष 2019-20 में बलात्कार के 904 मामले और छेड़छाड़ के 2 हजार 677 मामले दर्ज किए गए हैं।  2019-20 में हत्याओं की संख्या घटकर 164 हो गई है।मुंबई में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए, पुलिस बल अपर्याप्त है, रिपोर्ट में कहा गया है।  नतीजतन, मुंबई में 64% अपराध अप्राप्त हो जाते हैं।  मुंबई पुलिस बल में 51,068 स्वीकृत पद हैं, लेकिन 41,788 पुलिस वास्तव में काम कर रहे हैं।  फोरेंसिक लैब भी स्वीकृत पदों से 177 कम है।

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