सबसे अमीर, पुरातन और अद्भुत हैं ये गणपति!


  • सबसे अमीर, पुरातन और अद्भुत हैं ये गणपति!
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गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया के जयघोष से मुंबई शहर गुंजायमान हो उठा है। गली गली मैं गणपति की मूर्तियां विराजमान हैं, और उनकी पूजा आराधना हो रही है। इन मूर्तियों को मूर्तिकारों ने इस साल की हिट फिल्म बाहुबली-2 से लेकर मुंबई की रक्षा करने वाले पुलिस वालों तक का आकार दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत का गणपति मूर्तियों में इस साल काफी असर देखने को मिल रहा है। इस मिशन के मद्देनजर इको फ्रैंडली बप्पा मुंबई में जमकर उभरे हैं। किसी ने बप्पा को चॉकलेट से बनाया तो किसी ने बर्फ से तो वहीं विविध अनाज और सिर्फ लाल मिट्टी से भी बप्पा को आकार दिया गया।

इन सबके अलावा हम मुंबई के कुछ ऐसे गणपति बप्पा के बारे में जानकारी दे रहे हैं। जो इतिहास बन गए हैं। और आपको इनके एक बार दर्शन जरूर करने चाहिए।


देश के सबसे अमीर बप्पा

कहते हैं जहां गणपति बप्पा की पूजा होती है वहां कभी लक्ष्मी की कमी नहीं रहती। पर अमीर होने के बाद दिल का बड़ा होना भी जरूरी है। जीएसबी मंडल ने प्रमाणित किया है कि उनकी भक्ति की तरह उनका दिल भी बहुत बड़ा है। जी हां माटुंगा स्थित जीएसबी मंडल के गणपति बप्पा को 20 करोड़ की कीमत के आभूषण पहनाए गए हैं। ये आभूषण सोना, चांदी और हीरे आदि से बने हैं। इस साल बप्पा का लगभग 265 करोड़ का बीमा हुआ है। साथ ही बप्पा की सुरक्षा के लिए 500 प्राइवेट गार्ड ड्यूटी पर तैनात हैं और 77 सीसीटीवी हर पल भक्तों पर नजर रखते हैं। इन बप्पा का 5वें दिन विसर्जन किया जा है। गौड़ सारस्वत ब्राह्मण सेवा मंडल की शुरुआत 1951 में हुई थी।

ऐसे पहुंचे

यहां पहुंचने के लिए आपको किंग सर्कल या माहिम स्टेशन उतरना होगा।


सबसे प्राचीन चॉल और बप्पा की स्थापना

वैसे तो हम सब जानते हैं कि गणपति बप्पा का चलन सबसे पहले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बाल गंगाधर तिलक लेकर आए थे। उनके इस कदम का मकसद लोगों में एक जुटता लानी थी, ताकि वे अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मोर्चा खोल सकें। इसी कड़ी में गिरगांव स्थित केशव जी नायक चॉल के गणपति का जिक्र होता है। यह मुंबई का सबसे पुराना चॉल है और यहां स्थापित होने वाले गणपति ने 125 साल पूरे कर लिए हैं। यही एक ऐसी चॉल है जहां पर 1901 में बाल गंगाधर तिलक ने बप्पा के दर्शन कर भाषण दिया था। आज भी इस चॉल में पुराने रीत-रिवाज के साथ ही बप्पा की पूजा अर्चना की जाती है।

ऐसे पहुंचे

केशव जी नायक चॉल पहुंचने के लिए चर्नी रोड स्टेशन उतरिए, इसके बाद आपको स्वामी समर्थ नगर पहुंचना होगा।  


अद्भुत गणपति

वैसे तो लंबाई के मामले में गणेश गली चा राजा यानी मुंबई चा राजा सबसे आगे हैं। पर अगर अद्भुत रुप की बात करें तो नारे पार्क यानी परेल चा राजा सबसे ऊपर है। परेल चा राजा की मूर्ति की खासियत है कि वे हमेशा खड़े अवस्था में तेज तर्राट रूप में रहते हैं। जो मुंबई को रिप्रेजेंट करते हैं कि मुंबई कभी नहीं सोती। खड़ी अवस्था और 31 फिट लंबाई उनको अद्भुत बनाती है। उनके चेहरे को देखने के लिए भक्तों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है।

ऐसे पहुंचे

परेल चा राजा तक पहुंचने के लिए आपको एलफिस्टन या फिर परेल स्टेशन उतरना होगा।


मुंबादेवी गणराज

इसके अलावा गिरगांव परमानंद वाड़ी स्थित मुंबादेवी गणराज का भी अद्भुत रूप है। गणपति बप्पा स्वर्ग में हाथी के ऊपर विराजमान हैं। हाथी को हाथ भी हैं और उसने दाहिने हाथ में त्रिशूल धारण किया हुआ है। वैसे तो परमानंद वाड़ी  बाल मित्रमंडल 75 साल पुराना मंडल है, पर 2015 से इस मंडल ने खुद को बदलते हुए खास तरह की थीम से पंडाल को सजाकर बप्पा को स्थापित किया। 2015 में  एक्वेरियम  थीम और साल 2016 में बप्पा शेरों की सवारी करते नजर आए थे।


ऐसे पहुंचे

मुंबादेवी गणराज तक पहुंचने के लिए आपको चर्नी रोड उतरना होगा, वहां से सीपी टैक सर्कल। इसके अलावा छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (वाटी) स्टेशन उतरकर भी पहुंचा जा सकता है।

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