बीएमसी शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा का प्रशिक्षण

अंतरराष्ट्रीय लोगों से जुड़ने के लिए गूगल डिवाइस और डिजिटल क्लास रूम जैसी उन्नति तकनीकि के उपयोग से बीएमसी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूलों में शिक्षा का दर्जा बढ़ाने के लिए शब्दसंग्रह, व्याकरण कौशल्यं, वाक् प्रचारों का उपयोग कर ऐसे मुद्दों पर प्रशिक्षण केंद्रित किया जा रहा है।

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बीएमसी स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय दर्जे के प्रशीक्षण की शुरुआत हो गई है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के मकसद से बीएमसी के शिक्षकों को यह ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों को अंग्रेजी भाषा पर प्रभूत्व बढ़ाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


उन्नति तकनीकि का उपयोग
अंतरराष्ट्रीय लोगों से जुड़ने के लिए गूगल डिवाइस और डिजिटल क्लास रूम जैसी उन्नति तकनीकि के उपयोग से बीएमसी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूलों में शिक्षा का दर्जा बढ़ाने के लिए शब्दसंग्रह, व्याकरण कौशल्यं, वाक् प्रचारों का उपयोग कर ऐसे मुद्दों पर प्रशिक्षण केंद्रित किया जा रहा है।

अंग्रेजी की जरूरत
विद्यार्थी और शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इसका फायदा हो सकता है, यह बात एक शिक्षक ने कही। अनेकों अनेक विद्यार्थी शिक्षक अलग अलग आर्थिक परिस्थिती से उठकर आते हैं, कईयों की मातृभाषा अंग्रेजी नहीं होती। ऐसे में इस प्रशिक्षण में उन्हें जरूर फायदा होगा यह बात बीएमसी शिक्षिका ललिता सुर्वे ने कही।

अत्याधुनिक तकनीकि का उपयोग
गूगल डिवाइसेस, इंटरनेट समेत प्रेजेंटेशन जैसे अत्याधुनिक तकनीकि का उपयोग शिक्षक विद्यार्थियों को विविध विषय समझाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह जानकारी शिक्षा विभाग के उपसंचालक प्रकाश चरते ने कगही। बीएमसी स्कूल में डिजिटल क्लासरूम्स की शुरुआत की गई है। परंतु अनेक शिक्षकों इसका उपयोग कैसे करें,इसकी जानकारी नहीं है। उसी का प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जा रहा है।

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