MU की फजीहत का करवाने वाली कंपनी को मिली सजा


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रिजल्ट की लेट लतीफी के कारण मुसीबत का सामना कर रही मुंबई यूनिवर्सिटी को उस समय और भी शर्मिंदा होना पड़ा जब एक RTI के सवाल के जवाब में यह पता चला कि जिस कंपनी के कारण ही MU को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है उसी कंपनी को उसने रिजल्ट चेक करने के एवज में उसने 1.18 करोड़ रूपये चुकाए। यह बात सामने आते ही लोग MU से तरह तरह के सवाल करने लगे।

इस मुद्दे पर सरकार भी घिरती दिखी।  इसीलिए अब शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने यह संकेत दिया है कि इस बार रिजल्ट चेकिंग के लिए नयी कंपनी को टेंडर दिए जाएगा और मेरिट ट्रैक कंपनी को हटाया जायेगा। तावड़े ने आशा जताई कि जल्द ही नयी कंपनी को नियुक्त किया जायेगा और शीतकालीन परीक्षा तक इसे लागू कर दिया जायेगा।

करीब हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली मेरिट ट्रैक कंपनी को हटाने का निर्णय सराहनीय है लेकिन अच्छा होता कि सरकार की तरफ से यह कदम समय रहते ही उठाया गया होता।


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