HSC परीक्षा के समय जूनियर कॉलेज के शिक्षक करेंगे हड़ताल


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राज्य के सभी जूनियर कॉलेज के शिक्षकों ने 2 फरवरी को अपनी मांगो को लेकर बंदी की घोषणा की है। पिछले तीन साल से इन कॉलेज के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर अनेक बार आंदोलन किया है लेकिन इनकी मांग पर सरकार की तरफ से जरा भी ध्यान नहीं दिया गया। यह बंदी जूनियर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में घोषित किया गया है।

जूनियर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने कहा कि हमारी तरफ से पिछले 3 साल से लगातार कई मांगे की जा रहीं हैं लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुयी है। एसोसिएशन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उनकी मांगे अभी नहीं मानी गयी तो वे 2 फरवरी को होने वाले 12वीं बोर्ड की परीक्षा के दौरान ही हड़ताल पर चले जाएंगे।

क्या हैं मांग?

  • चयनित आधार पर चुने हुए और वेतन आधार पर चुने हुए स्कूलों की 80 फीसदी मापदंड की शर्त समाप्त हो।
  • जूनियर कॉलेज के प्रशासन को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार मिले।
  • उन शिक्षकों की सेवा समाप्त हो, जिन्होंने अपनी शिक्षा अवधि समाप्त कर ली है।
  • गणित और विज्ञान के भाग 1 और 2 का अलग अगल पेपर हो।
  • शिक्षकों के 42 दिनों के आंदोलन की छुट्टी को पूर्ववत खाता पर जमा हो।

इसके पहले हमने 14 नवम्बर को आंदोलन किया था, उस समय हमें केवल आश्वासन ही मिला था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी कुछ हुआ नहीं। इसीलिए जुनियर कॉलेज एसोसिएशन ने फिर से आंदोलन करने का निर्णय लिया है और इस बार हमारा आंदोलन और भी अधिक उग्र होगा। 2 फरवाई को होने वाले आंदोलन में 700 शिक्षक भाग लेंगे।

– प्रा. अनिल देशमुख, जुनियर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन

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