शिक्षकों और छात्रों को राहत, इस बार लोकसभा चुनाव के कार्य नहीं करेंगे शिक्षक


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निर्वाचन आयोग के एक निर्णय से शिक्षकों के साथ-साथ हजारों लाखों छात्र भी खुश हैं।आयोग के अनुसार अब महाराष्ट्र में 10वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षक लोकसभा चुनाव से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगे। इससे छात्रों की उत्तर पुस्तिका समय पर चेक हो जाएगी जिससे उनका रिजल्ट भी समय पर जारी हो जायेगा। 


चुनाव आयोग ने बुधवार को एक सर्कुलर जारी किया, जिसके अंतर्गत 10वीं और 12वीं के शिक्षकों को चुनाव से संबंधित कार्यों से बाहर रखा है। ऐसे कुल शिक्षकों की संख्या 50,000 से अधिक है। ऐसा निर्णय दसवीं और बारहवीं की चल रही परीक्षाओं को देखते हुए लिया गया है. इसक एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि छात्रों की उत्तरपुस्तिका समय पर चेक हो जाएगी और समय पर उनके रिजल्ट भी आउट हो जाएंगे। नहीं तो शिक्षकों से ही चुनाव संबंधित कार्य करवाए जाने समय पर उत्तर-पुस्तिका चेक नहीं हो पाती थी और रिजल्ट भी जारी होने के लेट होता था, जो अब नहीं होगा। 

इस मामले में शिक्षकों के एक संगठन ‘शिक्षक भारती’ की तरफ से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष यह मांग की गयी थी कि शिक्षकों से चुनाव संबंधित कार्य न करवाएं जाएं। इनका कहना था कि शिक्षकों को चुनाव के कार्य में जोड़ने से इन दोनों परीक्षाओं के परिणाम आने में देर हो सकती है। आखिर कई विभागों के साथ बातचीत करने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने इन शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से बाहर रखने का निर्णय लिया है। अन्य कक्षाओं के शिक्षकों को ड्यूटी से बाहर नहीं रखा गया है। 

आपको बता दें कि राज्य के सभी 48 लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल से लेकर 29 अप्रैल तक यानी चार चरणों में ये चुनाव आयोजित करवाएं जाएंगे।

मुंबई में केंद्र, राज्य और अन्य विभिन्न महामंडलों के हजारो कर्मचारी होने के बाद भी शिक्षकों से चुनाव का काम करवाया जाता है. जिससे शिक्षकों के कामकाज प्रभावित होते हैं. इसके अलावा इस बार चुनाव और बोर्ड की परीक्षाओं के काम एक साथ होने के कारण शिक्षकों पर काम का काफी बोझ पड़ेगा। इसीलिए इस काम में अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी शामिल करना चाहिए।  अनिल बोरनारे, अध्यक्ष: भाजपा प्रदेश शिक्षक आघाड़ी, मुंबई व कोकण विभाग

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