Aarey : आंदोलनकारियों पर दर्ज केस होंगे रद्द, उद्धव सरकार का फैसला

उद्धव सरकार की तरफ से निर्णय लिया है कि आरे में कारशेड बनने के खिलाफ जिन-जिन पर्यावरणप्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे ऐसे लोगों पर से केस हटाया जाए।

SHARE

 

राज्य में सरकार बनाने के बाद उद्धव ने सबसे पहले जो फैसला लिया था वह था आरे में बनने वाले मेट्रो-3 कारशेड पर रोक लगाना। अब उद्धव सरकार की तरफ से निर्णय लिया है कि आरे में कारशेड बनने के खिलाफ जिन-जिन पर्यावरणप्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे ऐसे लोगों पर से केस हटाया जाए

क्या था मामला?
आरे में कारशेड के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक सहित पर्यावरणप्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया था आंदोलन के दौरान पुलिस ने कई आंदोलनकारियों के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया था और कइयों को तो गिरफ्तार भी कर लिया था यही नहीं खुद शिव सेना नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भी कारशेड के खिलाफ ट्वीट किया था साथ ही आरे के समर्थन में कई बड़ी-बड़ी फ़िल्मी हस्तियां  भी उतर आईं

पढ़ें: आरे मेट्रो कारशेड पर रोक- उद्धव ठाकरे

लेकिन अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव की सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी पर्यावरणप्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ताओं के ऊपर से दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा।

आपको बता दें कि जब से आरे में कारशेड बनने की मंजूरी फणनवीस सरकार ने दी थी तभी से ही इसका विरोध हो रहा था 4 अक्टूबर को उस समय काफी हंगामा मच गया जब रात में कारशेड के लिए चुपके से पेड़ काटे जाने लगे इसके बाद मौके पर लोगों हुजूम जुटने लगा और सुबह होते-होते मामला गंभीर होने लगा। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ लोग सोशल मीडिया में आरे को ट्रेंड करने लगे

इसके बाद पुलिस ने 29 आंदोलनकरियों के खिलाफ केस दर्ज किया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी    

पढ़ें: देवेंद्र फडणवीस की कुर्सी गई, लोगों ने कहा 'ये आरे का श्राप है'

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें