मेट्रो ले डूबेगी 5011 पेड़

चर्चगेट - जे टाटा रोड के दोनों तरफ लहलहाते हरे भरे पेड़ों का जल्द ही एमएमआरसी कत्ल करने वाली है। मेट्रो-3 परियोजना के चलते इस सड़क के 98 पेड़ों को काटा जाना है। अगर एमएमआरसी चाहे तो एनएटीएम तकनीकि के माध्यम से इन पेड़ों के कत्ल को कम कर सकती है। पर प्रशासन की दलील है कि यह तकनीकि महंगी और अधिक समय लेने वाली है। 

आपको बता दें कि मेट्रो-3 के कारशेड के लिए आरे में लगभग 2 हजार पेड़ों को काटा जाना है। जिसके खिलाफ आरे वासी एक साथ आ गए हैं। इनकी ताल से ताल मिलाकर चर्चगेट, कफ परेड और आसपास के लोग भी इस अभियान में शामिल हो गए हैं।

मेट्रो-3 पूरी परियोजना में 5011 पेड़ों की बली चढ़ने वाली है। इसके बाद मेट्रो 2 ए, मेट्रो 2 बी, मेट्रो 5 , मेट्रो 7 परियोजनाएं शुरु होगी। लाखों की तादात में पेड़ों का कत्ल होगा। अब सवाल उठता है कि मुंबईकर सांस कैसे लेंगे। पेड़ों को कटने से बचाने के लिए सेव ट्री संस्था ने जंग छेड़ दी है। उनकी मांग है कि पेड़ों को काटे बगैर परियोजना पूरी की जाए, या फिर एनएटीएम तकनीकि का इस्तेमाल किया जाए।

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