मीरा-भायंदर, वसई-विरार मुंबई से साफ, सर्वेक्षण में खुलासा

महाराष्ट्र से नवी मुंबई एकमात्र शहर है जिसे टॉप 10 की सूची में जगह दी गयी है। यही नहीं मुंबई से सटे ठाणे का भी प्रदर्शन अच्छा नहीं था। ठाणे पिछले साल 40वें पर स्थान था लेकिन इस साल वह 57वें पायदान पर पहुंच गया।

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जहां एक तरफ मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे देश में स्वच्छता की अलख जगाने का काम किया तो वहीं बीजेपी शासित महाराष्ट्र राज्य की राजधानी और भारत का कैपिटल हब सिटी मुंबई खुद गंदगी का शिकार हुआ है। गंदगी के मामले में मुंबई की स्थिति इतनी खराब है कि केंद्र सरकार द्वारा कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में मुंबई 49 वें पायदान पर पहुंच गया है जबकि पिछले साल वह 18वें पायदान पर था।

बुधवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय की तरफ से नयी दिल्ली में स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार 2019 वितरित किये गए। यह पुरस्कार दिया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने। पिछले तीन सालों की तरह इस बार भी इंदौर ने प्रथम स्थान हासिल किया। यानी इंदौर को भारत का सबसे साफ-सूथरा शहर घोषित किया गया, जबकि भोपाल को सबसे स्वच्छ राजधानी घोषित किया गया।

सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई का प्रदर्शन जहां निराशाजनक रहा तो वहीं नवी मुंबई का प्रदर्शन बेहद शानदार था। मुंबई स्वच्छता के मामले में 2018 में जहां 18वें पायदान पर था तो वहीं इस साल फिसलकर 49वें स्थान पर आ गया। जबकि नवी मुंबई ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी रैंकिंग में सुधार किया। पिछले साल नवी मुंबई का स्थान नौवां था जबकि इस साल सुधरकर सातवां हो गया। 

महाराष्ट्र से नवी मुंबई एकमात्र शहर है जिसे टॉप 10 की सूची में जगह दी गयी है। यही नहीं मुंबई से सटे ठाणे का भी प्रदर्शन अच्छा नहीं था। ठाणे पिछले साल 40वें पर स्थान था लेकिन इस साल वह 57वें पायदान पर पहुंच गया।

ठाणे के ही मीरा-भायंदर और पालघर के वसई-विरार की भी रैंकिंग जारी की गयी है। मीरा-भायंदर को पिछले साल जहां 47वां स्थान मिला था, इस बार वह 27वें नंबर पर आ गया है। तो वहीं वसई विरार 2018 में 61वें पायदान पर था लेकिन इस बार 36वें स्थान पर पहुंच गया।

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