मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 'कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़ मेट्रो 3' रूट पर 13 स्टेशनों के पास 500 पेड़ लगाए हैं और अब एमएमआरसी ने 2,600 और पेड़ लगाने का फैसला किया है। इसलिए, अब 'मेट्रो 3' रूट पर स्टेशनों का क्षेत्र हरा-भरा हो जाएगा। एमएमआरसी ने हाईकोर्ट में पेश किए गए अंडरटेकिंग के अनुसार 'मेट्रो 3' लाइन पर स्टेशन परिसर में पेड़ लगाना शुरू कर दिया है।
वृक्षारोपण के लिए तीन अनुबंध
सीप्ज़, एमआईडीसी, शीतलादेवी, दादर, सिद्धिविनायक, विज्ञान संग्रहालय, महालक्ष्मी, मुंबई सेंट्रल, सीएसएमटी, चर्चगेट, विधान भवन और कफ परेड जैसे 13 मेट्रो स्टेशनों के पास 500 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। अब अन्य स्टेशनों के पास 2600 पेड़ लगाए जाएंगे। एमएमआरसी ने मूल स्थल पर वृक्षारोपण के लिए तीन अनुबंध दिए हैं।
नर्सरी में लगाए गए पेड़ों की आपूर्ति, रोपण और रखरखाव की जिम्मेदारी नियुक्त ठेकेदारों को सौंपी गई है। स्टेशनों का निर्माण पूरा होने के बाद इन पेड़ों को उनके मूल स्थान पर लगाया जा रहा है। फूलदार पौधे, सजावटी पेड़, लगभग सात साल पुराने और 15 फीट ऊंचे सदाबहार पेड़ लगाए जा रहे हैं।
इन-सीटू वृक्षारोपण अभियान के लिए चुनी गई वृक्ष प्रजातियों में महोगनी, बकुल, पिंपल, सोनचाफा, नीलमोहर, तमन, कदंब, देसी बादाम, आकाश नीम, स्पैथोडिया, तबेबुया, छाता-वृक्ष, सप्तपर्णी, पिंपल, पंगारा, जंगली बादाम, चाफा आदि शामिल हैं। अब तक 500 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं, तीन साल तक रखरखाव, नियमित सिंचाई और बागवानी रखरखाव की जिम्मेदारी इन्हीं ठेकेदारों की है।
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