गणेश चतुर्थी है करीब, लेकिन बप्पा के आगमन में हैं कई अड़चन

लालबाग, परेल जैसे इलाकों में जहां बड़ी-बड़ी गणपति की मूर्तियों को बनाने का काम होता है वहां के मूर्तिकार आशंकित हैं क्योंकि ले जाने में परेशानी आने के डर से कई ग्राहक दूसरी जगह जा सकते हैं।

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गणेशोत्सव में अब अधिक समय नहीं है, लेकिन बप्पा के आगमन की तैयारियां राम भरोसे ही है। आशंका है कि बप्पा के आगमन में मुश्किल आ सकती है, क्योंकि मुंबई सहित उपनगर में भी खतरनाक हो चुके 29 पुलों को बंद किया गया है। इनमें से कुछ ब्रिज हल्के वाहन तो कुछ ब्रिज भारी वाहनों के लिए बंद किये गये हैं। यही नहीं इनमें से कुछ ब्रिज ऐसे भी हैं जहां से बप्पा को ले आने और ले जाने का उपयोग होता था। अब गणपति मंडलों का सवाल है कि बप्पा को कहां से लाया जाए। इस बारे में महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर ने एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।

बड़ी मूर्तियों के लिए परेशानी 
बताया जाता है कि महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर की अगुवाई में जो बैठक होने वाली है उसमें प्रमुख रूप से सड़कों पर हुए गड्ढे ,ध्वनी प्रदुषण, ब्रिज के बंद और खुले होने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को है, तो छोटी गणपति का आगमन 1 या 2 सितंबर को होगा जबकि बड़ी-बड़ी गणपति का आगमन 15 अगस्त से ही शुरू हो जायेगा। मुश्किल बड़ी गणपति को लाने में हैं क्योंकि मेट्रो का काम, सड़क पर हुए गड्ढे, रूट डाइवर्ट, बंद हुए ब्रिज जैसी कई परेशानियां सामने है।

मूर्तिकार हैं आशंकित 
आपको बता दें कि मुंबई के करीरोड, चिंचपोकली, घाटकोपर, जुहू तारा रोड के फ्लाईओवर को बड़े वाहनों के लिए बंद किया गया है। लालबाग, परेल जैसे इलाकों में जहां बड़ी-बड़ी गणपति की मूर्तियों को बनाने का काम होता है वहां के मूर्तिकार आशंकित हैं क्योंकि ले जाने में परेशानी आने के डर से कई ग्राहक दूसरी जगह जा सकते हैं।

गणपति मंडल ने की मांग
गणपति मंडलों का यह भी कहना है कि जो ब्रिज बंद हैं उन पर से गणपति ले जाने के लिए उन्हें छुट दी जाए, साथ ही उनकी यह भी मांग है कि गणपति लाने से पहले सड़क पर गड्ढों को भरा जाए, ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जाए साथ ही मेट्रो के बैरिकेट्स भी हटाए जाएं। अब इन सबका निर्णय महापौर और बीएमसी कम्सिश्नर साथ मिल कर लेंगे।  

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