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'परंपरा मत तोड़ो, 4 फीट की ही मूर्ति स्थापित करो' भक्तों ने की 'लालबाग के राजा' मंडल से निवेदन

आपको बता दें कि, लालबाग के राजा, जो महाराष्ट्र सहित पूरे देश में भी प्रसिद्ध हैं, यहां परंपरा को बनाये रखते हुए पिछले 86 साल से 'बाप्पा' की स्थापना की जा रही है। हर साल बाप्पा की 14 फीट ऊंची और मनमोहक मूर्ति स्थापित की जाती है।

'परंपरा मत तोड़ो, 4 फीट की ही मूर्ति स्थापित करो' भक्तों ने की 'लालबाग के राजा' मंडल से निवेदन
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कोरोना वाहरस (Coronavirus) संकट और लॉकडाउन (lockdown) को देखते हुए इस बार मुंबई के प्रसिद्ध, 'लालबाग के राजा' (lalbaughcha raja) सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने इस साल गणेश की मूर्ति स्थापित नहीं करने का निर्णय लिया है, साथ ही गणेशोत्सव की जगह इस बार 'स्वास्थ्य उत्सव' मनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है।  हालांकि मंडल का यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन यह निर्णय कई गणेश भक्तों को पसंद नहीं आ रहा है।उन्होंने गणेश मंडल से अनुरोध किया गया है कि वह पिछले कई वर्षों की परंपरा को न तोड़े।

'लालबाग के राजा' सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने इस साल गणेश प्रतिमा को स्थापित नहीं करने की घोषणा के बाद सभी गणेशोत्सव मंडल के केंद्रीय संगठन बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने 'लालबागचा राजा' मंडल को एक पत्र भेजा है।  इस पत्र में समिति के अध्यक्ष एडवोकेट दहिबावकर ने लिखा है कि, बोर्ड का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन बोर्ड इस परंपरा को नहीं तोड़े।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान के अनुसार, 'लालबाग के राजा' मंडल को परंपरा बरकरार रखते हुए 4 फीट तक की गणेश प्रतिमा को स्थित स्थापित करना चाहिए, साथ ही इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए लाइव दर्शन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

पत्र में आगे लिखा है कि, बिना कोई परंपरा तोड़े हजारों भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए, हजारों मंडलियों ने इस साल भी गणेशोत्सव मनाने का फैसला किया है।

दहिबावकर ने कहा, हालांकि लालबाग के राजा मंडल के निर्णय का समन्वय समिति द्वारा कोई विरोध नहीं किया जा रहा है लेकिन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए, हर कोई सोचता है कि कुछ अच्छा होना चाहिए।

आपको बता दें कि, लालबाग के राजा, जो महाराष्ट्र सहित पूरे देश में भी प्रसिद्ध हैं, यहां परंपरा को बनाये रखते हुए पिछले 86 साल से 'बाप्पा' की स्थापना की जा रही है। हर साल बाप्पा की 14 फीट ऊंची और मनमोहक मूर्ति स्थापित की जाती है।  लालबाग के राजा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हर साल लाखों गणेश भक्त लालबाग आते हैं।

 बोर्ड ने क्या फैसला किया है?

लेकिन इस बार राज्य में कोरोना संकट के कारण, राज्य सरकार ने सभी गणेश मंडलों से मात्र 4 फीट की ही मूर्ति स्थापित करने की अपील की है। जिसके बाद 'लालबाग के राजा' गणेश मंडल ने भी निर्णय लिया कि इस बार 11 दिनों के लिए भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित किए बिना 11 दिनों के लिए रक्तदान और प्लाज्मा चिकित्सा जैसी समाजसेवी गतिविधियों को करने का निर्णय लिया है। साथ ही मंडल की तरफ से कोरोना लड़ाई में शहीद हुए पुलिस परिवार को, चीन के साथ हुई हिंसक कार्रवाई में शहीद हुए भारत के वीर सैनिकों को भी सम्मानित किया जाएगा।  इसके अलावा, बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में 25 लाख रुपये जमा किए जाएंगे।

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