रिमझिम बारिश और गरमा गरम भजिया...!

 Mumbai
रिमझिम बारिश और गरमा गरम भजिया...!

कहते हैं देर आए दुरुस्त आए। वही हाल इस साल के मॉनसून का है। देर से आया पर दबंग खान की तरह आया। आज की सुबह रिमझिम बारिश से शुरु हुई। मैं तैयार होकर ऑफिस के लिए निकलने ही वाला था कि बारिश का मिजाज बदल गया, तेज हवा के साथ जोरदार बारिश शुरु हो गई। थोड़ा रुका पर ज्यादा देर तक तो बारिश के कम होने का इंतजार नहीं कर सकता था। क्योंकि भयंदर से दादर बनने वाली लोकल ट्रेन एक बार निकल गई तो फिर समझों हालत खस्ता। सुबह के समय में अगर आप स्पाइडर मैन बन सकते हो तभी विरार से आने वाली ट्रेन पकड़ो। वरना जाने दो भाई। मैं कोई स्पाइडर मैन तो हूं नहीं, सो छाता तानकर निकल गया। थोड़ा तो भीग ही गया, पर बारिश के समय में इतना चलता है।

आज सारा दिन सूरज देवता दर्शन नहीं दिए, वे दर्शन भी कैसे दें बारिश ने ब्रेक ही नहीं लिया। पर मेरे ऑफिस के सहकर्मियों ने इस दौरान कई बार ब्रेक लेने की बात कही, ब्रेक लिया भी। यह ब्रेक किसी और चीज के लिए नहीं था। ब्रेक था गरमा गरम भजिया के साथ चाय की चुस्कियां लेने के लिए। आज की बारिश देख आपका भी मन भजिया-चाय के लिए ललचाया होगा। पर क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश के समय में आपका मन भजिया-चाय के लिए क्यों ललचाता है।


साइंटिफिक रीजन

दरअसल बारिश के मौसम में हमारा डायजेशन सिस्टम सुस्त पड़ जाता है। उस समय हमारे बॉडी से कुछ ऐसे एन्जाइम्स स्त्रवित होते हैं जो ऑयल, चटपटा, और गरम चीज की डिमांड करते हैं। ताकि वे सुस्त पड़े शरीर को जागृत कर सकें। यही वजह है कि बारिश के मौसम में चटपटा खाने और चाय पीने का मन करता है।  


सलाह भले की

अगर इस बारिश में आपका भी मन चटपटा खाने का कर रहा है, तो खाने में ज्यादा कोई परहेज ना करें। पर इस बात का जरूर खयाल रखें कि भजिया फ्रेश हो। अगर संभव हो सके तो खुद बनाकर खाएं।

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