• 'अहिल्या' के लिए 'राम' बना कामा अस्पताल, सौंपी गयी रेलवे पुलिस को
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  • 'अहिल्या' के लिए 'राम' बना कामा अस्पताल, सौंपी गयी रेलवे पुलिस को
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चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर लावारिस अस्वथा में मिली लावारिस बच्ची 'अहिल्या' को मिले शुक्रवार को एक महीना हो गया। अब उसकी सेहत कफ हद तक स्वस्थ है। इस मौके पर कामा अस्पताल प्रशासन ने अहिल्या के नामकरण सेरेमनी आयोजित की और उसे चर्चगेट रेलवे पुलिस को सौंप दिया।   


क्या था मामला?
आपको बता दें कि 29 जून की शाम को चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन में उसके मां-बाप ने 'अहिल्या' को छोड़ दिया था। जब इसकी सूचना रेलवे पुलिस को मिली तो उन्होंने बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया। बच्ची मात्र 5 दिन की ही थी, और उसकी स्थिति बेहद ही नाजुक थी। उसे तत्काल कामा अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराया गया। मात्र 600 ग्राम वजन की इस बच्ची का जब मेडिकल चेकअप हुआ तो उसके दिल में छेद होने की बात सामने आई। बच्ची को अस्पताल में स्थित मात्र दुग्ध बैंक में जमा माता का दूध ही पिलाया जा रहा था।

अब एक महीने बाद बच्ची की स्थिति में काफी सुधार आया है। कामा अस्पताल में काम करने वाली नर्सों ने बच्ची को 'अहिल्या' नाम दिया। कामा अस्पताल के डॉक्टर हो या नर्स जब से बच्ची इलाज के लिए आई थी तब से उसे प्रति प्यार लोगों के दिल में बढ़ता ही गया, लेकिन क़ानूनी अड़चनों के चलते बच्ची को अस्पताल में रखना मुमकिन नहीं है। इसीलिए उसे फिर से चर्चगेट रेलवे पुलिस को सौंप दिया गया। 


जब पुलिस को बच्ची मिली तो काफी बीमार थी। एक महीने इलाज करने के बाद उसकी स्थिति ने काफी सुधार आया है। आज बच्ची का हमने नामकरण सेरेमनी मनाया। उसका नाम हमने अहिल्या रखा है।
- डॉ. राजश्री कटके, चिकित्सा अधीक्षक, कामा अस्पताल

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