इन तरिकों से होगा डेंगू से बचाव।

मुंबई - पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी मुंबई डेंग्यू की चपेट में घिरता जा रहा है। दिन ब दिन दिन डेंग्यू के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अगर हम कुछ सावधानियां बरतें तो डेंग्यू से बचा जा सकता है।

डेंग्यू के प्रमुख लक्षण-

तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ता पड़ना, सिर, छाती हाथ-पैर और बदन में तेज दर्द, भूख न लगना, उल्टी-दस्त आदि की शिकायत होना।

बचाव के उपाय-

घर में एवं घर के आसपास पानी एकत्र ना होने दें, साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें।

यदि घर में बर्तनों आदि में पानी भर कर रखना है तो ढक कर रखें। यदि जरुरत ना हो तो बर्तन खाली कर के या उल्टा कर के रख दें।

कूलर, गमले आदि का पानी रोज बदलते रहें। यदि पानी की जरूरत ना हो तो कूलर आदि को खाली करके सुखायें।

ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर के अधिकतम हिस्से को ढक सकें।

मच्छर रोधी क्रीम, स्प्रे, लिक्विड, इलेक्ट्रॉनिक बैट आदि का प्रयोग मच्छरों के बचाव हेतु करें।

डेग्यू का उपचार-

बुखार या इससे जुड़े किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डेंग्यू रक्तस्राव होने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती करें।

खाने में फल का इस्तेमाल करें, खासकर पपिता का पत्ता पीसकर पिए।

हल्का खाना खाएं।

डेग्यू होने पर डॉक्टर के पास तुरंत जाएं-

डेंग्यू वायरस जनित बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। डेंग्यू का मच्छर गंदे पानी की बजाय साफ पानी में ही पनपता है। इसलिए घर के अंदर या घर के आसपास पानी ना जमने दें। बरसात में गमलों, कूलरों, टायर आदि में एकत्रित हुए पानी में यह मच्छर ज्यादा पाया जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक घर में इलाज करते हुए कुछ खास चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए। अगर पानी पीने और कुछ भी खाने में दिक्कत हो और बार-बार उल्टी आए तो डीहाइड्रेशन का खतरा हो जाता है। प्लेटलेट्स के कम होने या ब्लड प्रेशर के कम होने का भी खतरा बढ़ जाता है। अगर रोगी को खून आना शुरू हो जाए तो तुंरत अस्पताल जाना चाहिए।

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