क्या कहेंगे इसे अंधश्रद्धा या ममता?

मालाड - अक्सा बीच पर हर दिन कई पर्यटक और मुंबईकर समय व्यतीत करने आते है। लेकिन इसी बीच पर एक महिला अपने बच्चे का इलाज भी कर रही है। अपने दो वर्ष के बच्चे को इस महिला ने छाति तक बालू में गाड़ रखा है। इस महिला का नाम प्रतिभा जोशी है जो मालवणी इलाके में रहती है। महिला का कहना है की बच्चे की वैक्युम डिलीवरी हुई थी। जिसके कारण बच्चे को सांस लेने में समस्या हो रही थी। साथ ही बच्चे को आंख से भी बराबर नही दिखता था। लिहाजा महिला के आसपास रहनेवालें लोगों ने महिला को इस तरिके के बारे में बताया। महिला का कहना है की अगर बालू में सुर्य की गर्मी इसे लगेगी तो बच्चे पर थोड़ा असर होगा यौर वह चलने लगेगा। मां को उम्मीद है की इन सब तरिकों के बाद उसका बेटा अपने पैरा पर खड़ा हो पाएगा।

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