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महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर आने की संभावना नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

राज्य भर के किराना दुकानदारों, दूध विक्रेताओं, सब्जी विक्रेताओं, छोटे और बड़े व्यापारियों, सार्वजनिक परिवहन कर्मचारियों जो अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं, ऐसे सुपर स्प्रेडर लोगों की जांच युद्ध स्तर पर की जा रही है।

महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर आने की संभावना नहीं: स्वास्थ्य मंत्री
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महाराष्ट्र (maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर आने की संभावना के बारे में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (rajesh tope) ने इनकार किया है। उन्होंने कहा, पहली बात कि, राज्य में कोरोना की दूसरी लहर आने की कोई संभावना नही है। और दूसरी बात राज्य सरकार सभी उपायों पर सावधानी के साथ काम कर रही है। इस समय कोरोना के केस में नियंत्रण में है।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा, कोरोना के कारण मृत्यु दर को कम करने और कोरोना टेस्ट (Covid test) की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बुखार आने की शिकायतों पर निगरानी रखी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे की अध्यक्षता में स्टेट टास्क फोर्स और डेथ ऑडिट कमिटी की बैठक हुई।

इस बैठक में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को कम करने और कोरोना की संभावित दूसरी लहर आने की तैयारी के बारे में समीक्षा की गई। इस  बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास, स्टेट टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. संजय ओक, मृत्यु लेखा समिति के अध्यक्ष अविनाश सुपे, राज्य संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. सुभाष सालुंके, स्वास्थ्य निदेशक साधना तायड़े सहित आदि लोग उपस्थित थे।

इस मौके पर राजेश टोपे ने कहा कि, राज्य में कोरोना की दूसरी लहर नहीं आएगी। लेकिन संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए सावधानी बरती जा रही है। राज्य में वर्तमान कोरोना परीक्षण बाधित न हो, इसके लिए 500 प्रयोगशालाओं में टेस्ट करने का काम किया जा रहा है।

राजेश टोपे ने कहा, ठंड में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसलिए, बुखार के रोगियों का एक सर्वेक्षण किया जाएगा और समिति ने सुझाव दिया है कि निजी डॉक्टर भी बुखार से पीड़ित मरीजों के लक्षणों के अनुसार रोगियों के तत्काल टेस्ट करने की प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, राज्य भर में बुखार के केसों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।

राज्य भर के किराना दुकानदारों, दूध विक्रेताओं, सब्जी विक्रेताओं, छोटे और बड़े व्यापारियों, सार्वजनिक परिवहन कर्मचारियों जो अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं, ऐसे सुपर स्प्रेडर लोगों की जांच युद्ध स्तर पर की जा रही है।

राज्य में कोरोना के लिए बनाई गई सुविधाओं को और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के फैसले को भी बरकरार रखा जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि, छोटे शहरों में आईसीयू में डॉक्टरों और नर्सों की कमी को देखते हुए, सिमुलेशन लैब की मदद से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

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