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मुंबई से अधिक ठाणे में हैं कोरोना के सक्रिय मरीज

ठाणे के अस्पतालों में भर्ती होने वाले सक्रिय रोगियों की संख्या मुंबई की तुलना में अधिक है। वर्तमान में मुंबई में जहां 24,912 सक्रिय रोगी हैं तो वहीं ठाणे में यह संख्या 25,331 है।

मुंबई से अधिक ठाणे में हैं कोरोना के सक्रिय मरीज
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मुंबई में वर्तमान समय में कोरोना के सक्रिय मरीजों (Corona active patient in mumbai) की संख्या में कमी आ रही है, क्योंकि BMC की तरफ से समय-समय पर लोगों का टेस्ट (Corona testing center) कर उनके समुचित उपचार पर ध्यान केंद्रित किया गया। जबकि इसके विपरीत ठाणे (Thane) में अभी भी टेस्टिंग और समुचित इलाज का अभाव है। ठाणे के अस्पतालों में भर्ती होने वाले सक्रिय रोगियों की संख्या मुंबई की तुलना में अधिक है।  वर्तमान में मुंबई में जहां 24,912 सक्रिय रोगी हैं तो वहीं ठाणे में यह संख्या 25,331 है।

बताया जाता है कि, ठाणे जिले के छह नगरपालिकाओं के साथ-साथ ठाणे के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के रोगियों के उपचार के लिए पर्याप्त बेड नहीं हैं और ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर और डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भी कमी है।

मुख्य बात यह है कि इन छह नगरपालिकाओं में उपचार के लिए आपसी तालमेल की कमी है। साथ ही नए रोगियों को खोजने के लिए पर्याप्त परीक्षण केंद्र नहीं हैं और कोरोना रोगियों के संपर्क में आए हुए लोगों को खोजने के लिए कोई ठोस तंत्र भी स्थापित नहीं किया गया है।  

ठाणे जिले में कोरोना रोगियों और वायरस के कारण होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बाद भी न तो जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे (ekanath shinde) और न ही जिला कलेक्टर नार्वेकर के पास इस बाबत कोई विवरण दिया है कि,कोरोना वायरस (Coronavirus) को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं और और कैसे रोगी संपर्क खोज अभियान चलाया जाए?

मुंबई में इस समय कोरोना के कुल 82,074 मरीज हैं, जबकि ठाणे में कोरोना (Covid-19) मरीजों की संख्या तेजी से बढ़कर 43,634 हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ठाणे में मौत का आंकड़ा अब 1,000 को पार करते हुए 1,075 तक पहुंच गया है।

ठाणे के डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त उपचार सुविधाओं की कमी एक गंभीर मामला है।  आज, ठाणे में 25,331 मरीज़ उपचाराधीन हैं, जो मुंबई से 419 अधिक है।  

नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि 'ठाणे नगर निगम ने बालकोम में कोरोना केंद्र (balcom corona center) का उद्घाटन बड़ी धूमधाम से किया था, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के कारण, 1000 बिस्तरों पर केवल 200 बिस्तर काम कर रहे हैं।  

और जब नगर निगम के अधिकारियों से कोरोना सेंटरों में बिस्तरों की संख्या, ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर के साथ-साथ अन्य आवश्यक जानकारी के बारे में पूछा जाता है, तो वे सुविधाओं में कमी, डाक्टरों और कर्मचरियों में कमी का हवाला देते हुए अपना पिंड छुड़ा लेते हैं।

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