Advertisement
COVID-19 CASES IN MAHARASHTRA
Total:
58,76,087
Recovered:
56,08,753
Deaths:
1,03,748
LATEST COVID-19 INFORMATION  →

Active Cases
Cases in last 1 day
Mumbai
15,122
660
Maharashtra
1,60,693
12,207

नवी मुंबई: वाशी, ऐरोली, नेरुल के पालिका अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के लिए ओपीडी

कोरोना मरीजों के रोगियों के उपचार के लिए रेमडिसिविर और स्टेरॉयड के उपयोग की आवश्यकता होती है। इससे डायबिटीज का स्तर भी मरीज में बढ़ जाता है। तो ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस होने की संभावना बढ़ जाती है।

नवी मुंबई: वाशी, ऐरोली, नेरुल के पालिका अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के लिए ओपीडी
SHARES

कोरोना (Coronavirus) से ठीक होने वाले मरीजों को ब्लैक फंगस (black fungus) यानी म्यूकोरमाइकोसिस (mucormucosis) नामकी बीमारी हो रही है। इन बीमारियों की गंभीरता को देखते हुए, नवी मुंबई के कमिश्नर अभिजीत बांगर ने तुरंत ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों के साथ एक बैठक आयोजित की और इस संबंध में किए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा की।

बांगर ने स्वास्थ्य विभाग को नवी मुंबई नगर निगम, वाशी, नेरुल और ऐरोली के तीन सार्वजनिक अस्पतालों में ब्लैक फंगस के रोगियों के लिए आउट पेशेंट सेवा इकाइयों (OPD) को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही इस बात के निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति को इस बीमारी का पता चलता है, तो उसका इलाज वाशी नगर पब्लिक अस्पताल में किया जाएगा, और अनुपूरक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए गए हैं कि, डायबिटीज के रोगियों और गुर्दे से संबंधित बीमारियों वाले लोग जो कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं, उन्हें NMMC कॉल सेंटर के माध्यम से कोरोना ठीक होने के 10 दिन से लेकर 6 सप्ताह तक नियमित फोन कॉल द्वारा उनकी स्थिति और लक्षणों के बारे में जानकारी ली जाएगी। इससे ब्लैक फंगस के लक्षणों वाले रोगियों का शीघ्र उपचार संभव हो सकेगा। यही नहीं इस बीमारी के लिए आवश्यक टेस्टों और दवाओं के बारे में तत्काल मुहैया कराई जाएगी।

कोरोना मरीजों के रोगियों के उपचार के लिए रेमडिसिविर और स्टेरॉयड के उपयोग की आवश्यकता होती है। इससे डायबिटीज का स्तर भी मरीज में बढ़ जाता है। तो ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस होने की संभावना बढ़ जाती है।

बता दें कि कोरोना के कारण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण फंगस तेजी से बढ़ता है और आंखों, गले और मस्तिष्क में फैलता है। इसके लक्षण बार-बार नाक बहना, नाक बहना, आँखों से पानी आना, लाल आँखें, सूजी हुई आँखें, धुंधली दृष्टि, धुंधली दृष्टि, गाल में दर्द या सूजन, दाँत का हिलना जैसे हैं। यदि व्यक्ति में ये लक्षण महसूस होते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Read this story in English or मराठी
संबंधित विषय
मुंबई लाइव की लेटेस्ट न्यूज़ को जानने के लिए अभी सब्सक्राइब करें