बीएमसी अस्पताल के प्रसूतिगृह में सुविधाओ का आभाव

 Mumbai
बीएमसी अस्पताल के प्रसूतिगृह में सुविधाओ का आभाव

मनपा अस्पतालों में मरीजों की बेहतर ईलाज के लिए प्रसूतिगृह सहित दवाखानों को भी सुधारने की घोषणा प्रशासन की तरफ से हर बार की जाती है। लेकिन हालत जस के तस रहते हैं। इस चिकित्सा सुविधाओं में कमी की एक वजह डॉक्टरों और कर्मचारियों का कम होना भी है। ओशिवारा स्थित मनपा अस्पताल के प्रसूतिगृह में भी कई असुविधा होने से आने वाली महिलाओ को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रसूतिगृह में चिकित्सा उपकरण सहित डॉक्टरों द्वारा भी अधिक सेवा नहीं दी जा रही है। इसीलिए महिलाये कूपर अस्पताल का रुख करती हैं।

 इस बारे में शिवसेना की नगरसेविका राजुल पटेल ने कहा कि अगर मनपा का खुद का अस्पताल नहीं संभलता तो उसे बंद कर देना चाहिए। पटेल ने आगे कहा कि ओशिवरा अस्पताल में प्रसूतिगृह में नवजात बच्चों के लिए वेंटिलेटर और इनक्यूबेटर की कमी है इसीलिए गर्भवती महिलाओं को कूपर अस्पताल में भेजा जाता है लेकिन यह अस्पताल नवजात शिशुओं को भर्ती नहीं करता है।

शिवसेना के नगरसेवक मंगेश सातमकर ने बताया कि रावली प्रसूतिगृह में सोनोग्राफी मशीन है लेकिन कलर डॉपलर मशीन नहीं है, साथ ही डॉक्टर भी नहीं हैं। यहां तक कि अगर अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि होती है, तो भी रोगियों के लिए बेहतर सुविधाओं की कोई गारंटी नहीं है।

कांग्रेस के नगरसेवक कमरजहाँ सिद्धीकी ने भी मलाड स्थित मौलाना आजाद अस्पताल के प्रसूतिगृह में गर्भवती महिलाओं की असुविधा के मुद्दे को उठाया। पूर्व डिप्टी मेयर अल्का केरकर ने बांद्रा ईस्ट में नवनिर्मित नर्सिंग होम में भी हो रही असुविधाओं के लेकर अपनी बात सामने रखी। सभागृह के नेता यशवंत जाधव ने भायखला के अहिल्याबाई होल्कर नर्सिंग होम की जमीन पर कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है और प्रसूतिगृह के लिए ओपीडी शुरू किया गया है।

इस मुद्दे पर अतिरिक्त नगरपालिका आयुक्त पल्लवी दराडे ने बताया कि शहर के सभी 28 नर्सिंग होम कार्य कर रहे हैं और उनमें से पांच को बेहतर दर्जे का बनाया गया है।

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