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बीमार, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग जरूरत पड़ने पर ही करें यात्रा - रेल मंत्रालय

प्रवासी मज़दूरों को उनके गृहनगर छोड़ने के लिए रेलवे विभाग 100 से भी अधिक ट्रेनें चला रहा है। इनमें सबसे अधिक ट्रेनें यूपी के लिए हैं।

बीमार, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग जरूरत पड़ने पर ही करें यात्रा - रेल मंत्रालय
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पिछले कुछ दिनों से स्पेशल श्रमिक ट्रेनों (special shramik train) से यात्रा करने वाले प्रवासी मजदूरों (migrant workers) की तबियत खराब होने की कई खबरें सामने आ रही हैं तो कुछ लोगों की ट्रेन में ही मौत होने की खबरें भी सामने आईं। जब जांच की गई तो पता चला कि इनमें से अधिकांश लोग पहले से ही किसी न किसी बीमारी से ग्रसित होने पर भी यात्रा कर रहे थे।

तो ऐसे में लोगों की सुरक्षा के लिए रेल मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि पूर्व ग्रसित बीमारी (जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, कर्करोग, कम प्रतिरक्षा) वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एवं 65 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, जब तक अत्यंत आवश्यक ना हो रेल यात्रा करने से बचें।

इस बारे में रेलवे का कहना है कि, हम समझ सकते हैं कि देश के कई नागरिक इस समय रेल यात्रा करना चाहते हैं  एवं उनको निर्बाध रूप से रेल सेवा मिलती रहे, इस हेतु भारतीय रेल का परिवार चौबीसों घंटे, सातों दिन कार्य कर रहा है। पर हमारे यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी देशवासियों का सहयोग अपेक्षित है। किसी भी कठिनाई या आकस्मिकता पड़ने पर कृपया अपने रेल परिवार से संपर्क करने में हिचकिचाएं नहीं। भारतीय रेल आपकी सेवा में हमेशा की तरह तत्पर हैं I कोई भी यात्री रेलवे के हेल्पलाइन नंबर - 139 & 138 पर संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है।

आपको बता दें कि प्रवासी मज़दूरों को उनके गृहनगर छोड़ने के लिए रेलवे विभाग 100 से भी अधिक ट्रेनें चला रहा है। इनमें सबसे अधिक ट्रेनें यूपी के लिए हैं। यूपी जाने के लिए जिस तरह से लोगों की भीड़ जमा हो जाती है उससे कोरोना महामारी का खतरा बढ़ने का खतरा ही रहता है।

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