सिस्टम से लड़नेवाली शिक्षिकाओं को सलाम

Kurla
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मुंबई  -  

कुर्ला - सरकारी यंत्रणा में लोगों की चीख का कोई मोल नहीं है। इसका अनुभव किया है कुर्ला की पांच महिला टीचरों ने। कुर्ला स्टेशन के पास एक बुजुर्ग महिला दर्द से चीख रही थी। उसके सर पर घाव था और उसमें कीड़े पड़ गए थे। इस महिला की चीख सुनकर कुर्ला की पांच महिला टीचरों ने इसका इलाज कराना चाहा। जिसके लिए इन महिला टीचरों ने पुलिस से मदद मांगी। पर बदले में पुलिस ने यह कहकर टालमटोल कर दिया कि यह उनके सरहद में नहीं आता है। निराशा के बीच इनको एक एंबुलेंस दिखी लगा काम बन जाएगा। पर यहां यह कहकर धुतकार दिया गया कि कंट्रोल रुम की परमीशन के बगैर वे एंबुलेंस स्टार्ट भी नहीं कर सकते। पर जब कंट्रोल रूम से संपर्क साधा गया तो एंबुलेंस बंद हालत में है यह सुनने को मिला। आखिरकार डेढ़ घंटे बाद एक एंबुलेंस आई। घायल महिला की सिर्फ मरहम पट्टी कर वे जाने ये लोग जाने लगे। उसे भर्ती नहीं करने की बात कही। पर जब मोबाइस से इस वाकया को शूट किया जाने लगा और एडमिट क्यों नहीं किया जाएगा? सवाल किया गया तब जाकर महिला को एडमिट किया गया। अब यह महिला सायन हॉस्पिटल में एडमिट है और इलाज जारी है।

इस महिला के लिए सिस्टम से लड़ने वाली पांच महिलाओं के नाम
अंकिता बोरीचा, रिटा दसरी, किंजल सिंह, वृषाली राऊत व रिंकी देवी
हैं। ये कुर्ला के ऑर्किड स्कूल में शिक्षक हैं। इन्होंने कहा है कि बुजुर्ग महिला की हालत ठीक होने के बाद हम वृद्धाश्रम में भर्ती करेंगे। मुंबई लाइव इन पांचों महिलाओं को सच्ची सलामी देता है।

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