आखिर कैसे बचे हाई बीपी से ...

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आखिर कैसे बचे हाई बीपी से ...
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17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। मुंबई सेंट्रल के वोक्हार्ट अस्पताल द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक मुंबई में 30 फिसदी से भी अधिक वयस्क व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है और कईयों को इस बीमारी के बारे में शुरुआती 6 से 8 साल तक कुछ पता नहीं चलता।

पिछलें कुछ सालों में इस बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। नौकरी, घर और बाहर की परेशानियों के कारण इस बीमारी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। साथ ही सर्विस सेक्टर में नौकरियां बढ़ने के कारण काम का तनाव और परेशानियां भी बढ़ गई है। जिसके कारण लोगो को हाई बीपी जैसी बीमारियां होने लगी है।

वोक्हार्ट हॉस्पिटल के फिजिशियन (इंटरनीस्ट) डॉ. बेहराम परडीवाला का कहना है की तनाव और टेंशन के साथ साथ बाहर के खाने का भी इस बीमारी पर बड़ा गहरा असर पड़ता है। इस बीमारी को ज्यादातर 30 साल के उम्र वाले युवको में देख गया है। तनाव और परेशानी के साथ साथ इसका सबसे बड़ा कारण है सही समय पर खाना ना खाना। सही समय पर खाना ना खाने के कारण शरीर को पौष्टिक नहीं मिल पाती है। जिसकी वजह से ये बीमारी बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

डॉ. बेहराम परडीवाला ने साथ मे यह भी कहा की आज की बदलती दुनिया में लोगों पर काम का दबाव बढ़ गया है। कई लोग कंम्प्युटर के सामने घंटो बैठ रहते है जिनसे उनकी आंखो और सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हाई बीपी का असर इंसान किडनी और मुत्रपिंड पर भी पड़ता है।

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