मेट्रो-3 कार्य में बाधा बनी हेरिटेज इमारतें


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मेट्रो-3 परियोजना के लिए फोर्ट इलाके में जमीन खोदने के काम को मुंबई हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोकने को कहा है।कोर्ट ने आदेश दिया है कि जे.एन पेटीट लाइब्रेरी के आसपास किसी भी भाग पर जमीन खोदने का काम न हो। कोर्ट ने काम को रोकने का आदेश देते हुए काम पर दो हफ्ते के लिए स्टे आर्डर पास कर दिया। हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

मेट्रो-3 के इस कार्य के विरोध में जे.एन पेटीट लाइब्रेरी की ट्रस्टी हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। याचिका में कहा गया है  कि फोर्ट एक हेरिटेज घोषित इलाका है यहां कई ऐसी इमारतें हैं जो कई साल पुरानी है, इनमे से एक जे एन पेटीट ग्रंथालय भी है। याचिका में आगे कहा गया है कि जे एन पेटीट ग्रंथालय के आसपास जमीन खोदने से इस हेरिटेज इमारत को नुकसान पहुंच सकता है। बता दें कि जे एन पेटीट ग्रंथालय 161 साल पुराना है।

याचिका में कहा गया है कि मेट्रो-3 पूरी तरह से अंडर ग्राउंड होने के कारण यहां बड़े बड़े मशीनों के द्वारा काम किया जा रहा है। उनके आवाज से इन इमारतों में कम्पन पैदा होता है जिससे इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जमीन के अंदर काम होने के कारण इन इमारतों को नुकसान भी पहुंच रहा है।

गौरतलब है कि जे.एन पेटीट लाइब्रेरी और उद्यान के पास मेट्रो-3 काम चल रहा है। काम के मद्देनजर यहां जमीन खोदा गया है, साथ ही टीबीएम टेक्नोलॉजी की सहायता से जमीन के अंदर 25 मीटर तक खुदाई का काम किया जायेगा जिससे जे.एन पेटीट इमारत को नुकसान पहुंच सकता है। 

अब इसके लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जायेगा जो इस बात की जांच करेगी कि मेट्रो के जमीन खोदने के कार्य से हेरिटेज इमारत को सही में नुकसान पहुंचेगा या नहीं? साथ ही यह समिति इस बात की भी जांच करेगी कि मेट्रो-3 के कार्य से दक्षिण मुंबई में स्थित इमारतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


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