महाराष्ट्र गृहनिर्माण नियामक प्राधिकरण को मिली मंजूरी

 Mumbai
महाराष्ट्र गृहनिर्माण नियामक प्राधिकरण को मिली मंजूरी

मुंबई – बिल्डरों की मनमानी को रोकने के लिए अब राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण नियामक प्राधिकरण कानून को आखिरकार सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी मंजूरी दी है। पिछलें कई सालों से ये प्रस्ताव लटका पड़ा था। सरकार के इस फैसले के बाद लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। इस तरह का कानून पास करनेवाला महाराष्ट्र पहला राज्य होगा।
बिल्डरों पर लगाम लगाने के लिए पहले से ही कई कानून हैं लेकिन उनका पालन सही तरीके से नहीं हो रहा था। पिछलें कुछ समय से बिल्डरों द्वारा ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी के कई मामले सामने आये थे। 15 सालों से इस प्राधिकरण की मांग की जा रही थी। इस नये प्राधिकरण के बाद अब ग्राहकों को बिल्डरों की मनमानी नहीं झेलनी पड़ेगी। 1 मई 2017 से यह कानून लागू होगा।
महाराष्ट्र सोसायटीज वेल्फेअर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश प्रभू का कहना है कि बिल्डरों पर सरकार का कोई भी नियंत्रण नहीं है। बिल्डरों से निपटने के लिए कई बार ग्राहकों को कोर्ट का रास्ता लेना पड़ता है। लेकिन सरकार के इस निर्णय के बाद अब ग्राहकों को एक बड़ी राहत मिली है।

क्या है कानून में-
1 मई 2017 से होगा लागू।
प्राधिकरण में 1 अध्यक्ष और 2 सदस्य होंगे।
बिल्डरों के खिलाफ हर तरह की शिकायत इस प्राधिकरण में किया जा सकेगा।
60 दिनों के अंदर प्राधिकरण को समस्या का समाधान करना होगा।
प्रत्येक बिल्डर को अपने प्रोजेक्ट की जानकारी प्राधिकरण को देनी होगी।
जो बिल्डर प्राधिकरण को अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी नहीं देगा वह अपना फ्लैट नहीं दे पाएगा।
ग्राहकों से लिए गए रकम और फ्लैट की 70 फीसदी रकम विशेष खाते में रखना आवश्यक होगा।
प्रोजेक्ट कितने समय में पूरा होगा, इसकी जानकारी देना बंधनकारक होगा।

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