लो मिल गई चाबी !

बांद्रा - बांद्रा स्थित रंगशारदा सभागृह में शुक्रवार को मिल मजदूरों के घरों की लॉटरी निकली, 1 लाख 35 हजार मिल मजदूरों में से 2 हजार 417 मिल मजदूरों को उनके हक के घर उन्हें मिले। उन्हें ये घर पनवेल में मिले हैं। घर मिलने से जहां मिल मजदूरों का एक तबका बेहद खुश नजर आया तो वहीं कुछ मिल मजदूर इस निर्णय के खिलाफ नाराज दिखे उनका आरोप है कि उन्हें मुंबई में घर नहीं मिले।

इस मुद्दे पर कामगार नेता दत्ता इस्वलकर का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता थी मिल मजदूरों को ज्यादा संख्या में घर उपलब्ध कराना जिसके लिए हमने पनवेल में इनके लिए घर बनाए। मुंबई में बड़ी संख्या में घर बनाना संभव नहीं था। इस मौके पर रंगशारदा सभागृह में स्वीडन से 4 लोग मिल मजदूरों की स्थिति का जायजा लेने आए थे, ये चारो लोग स्वीडन में पर्यावरण व मजदूरों की समस्याओं पर काम करते है। इस मौके पर उन्होंने कामगार नेता दत्ता इस्वलकर से मुलाकात कर मजदूरों की स्थिति जाननी चाही। 

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