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अटकी पड़ी SRA योजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए तैयार हो योजना: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुंबई में स्लम पुनर्वास योजनाओं के कार्यों की समीक्षा की गई।

अटकी पड़ी SRA योजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए तैयार हो योजना: मुख्यमंत्री
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मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना (slum rehablation authority) का कार्य 9 दिन चले अढ़ाई कोस साबित हो रहा है, यानी यह योजना कछुए की गति से भी धीमी गति से चल रहा है। यह देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) ने म्हाडा (mhada) और SRA (स्लम पुनर्वास प्राधिकरण) को मुंबई में झुग्गी पुनर्वास परियोजना कार्य को गति देने के लिए एक निश्चित योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुंबई में स्लम पुनर्वास योजनाओं के कार्यों की समीक्षा की गई।

यह बैठक मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' पर हुई। जिसमें गृहनिर्माण मंत्री डॉ. जितेंद्र आव्हाड, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, परिवहन मंत्री अनिल परब, विधायक सुनील प्रभु, इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडल के अध्यक्ष विनोद घोसालकर, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

आव्हाड (शहरी विकास मंत्री) एकनाथ शिंदे (परिवहन मंत्री), अनिल परब, विधायक सुनील प्रभु, मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष विनोद घोसालकर, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, प्रमुख सचिव शहरी विकास भूषण गगरानी, आवास के प्रमुख सचिव मिलिंद म्हैस्कर, मुंबई के जिला कलेक्टर राजीव निवातकर, मुंबई उपनगरीय जिला कलेक्टर निधि चौधरी, स्लम पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश लोखंडे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यदि बिल्डर रुके हुए SRA योजना को पूरा करने में असमर्थता दिखाई है या परियोजना के काम में देरी कर रहा है, तो परियोजना को समय पर पूरा करने के उपाय और विभिन्न विकल्पों पर काम किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्थायी ट्रांजिट कैंपों के संबंध में प्रासंगिक नियम बनाकर लोगों को राहत प्रदान करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में स्लम पुनर्वास परियोजना में बेघरों को राहत प्रदान करने के लिए किए जाने वाले उपायों, परियोजना को पूरा करने के लिए कुछ नियमों में छूट और कार्यान्वयन, परियोजना को समयबद्ध और विशिष्ट बनाने के नियमों पर भी चर्चा हुई।

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