धारावी पुनर्विकास को मिला विशेष योजना का दर्जा, अब होगा काम?


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एशिया में सबसे बड़े स्लम के रूप में पहचान बनाने वाली धारावी के दिन जल्द ही बहुरने वाले हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि धारावी का विकास अंतर्राष्ट्र्रीय स्तर पर किया जायेगा। इसके लिए मंगलवार को राज्य सरकार मंत्रिमंडल की बैठक में विकास से संबंधित योजना को मंजूरी दे दी गयी।  

विकास कार्य काफी धीमा 
धारावी पुनर्विकास का काम कुल 5 सेक्टरों में किया जा रहा है। जिसमें सेक्टर 5 के विकास का काम म्हाडा को दिया गया था लेकिन म्हाडा का काम भी सिरे चढ़ता नहीं दिखा। सेक्टर 5 में म्हाडा ने मात्र विकास के नाम पर एक बिल्डिंग ही बनाया है।

दिल्ली से दौलताबाद वाला हाल 
जबकि दूसरी तरफ धारावी पुनर्विकास योजना (डीआरपी) की तरफ से 4 सेक्टरों के विकास के लिए कई बार टेंडर भी जारी किये गए, लेकिन इन टेंडरों को लेकर बिल्डरों ने कोई रूचि नहीं दिखाई। इसके बाद सभी सेक्टरों को 16 सब सेक्टरों में बांट दिए गए, लेकिन इसके बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद सभी सेक्टरों को फिर से 4 सेक्टरों में कर दिया गया। और मामला तब से ही टांय टांय फुस्स हुआ है।

विशेष योजना में किया गया शामिल 
आखिरकार कुछ नहीं होता देख सरकार की तरफ से इस योजना को 'स्पेशल पर्पज व्हीकल' (SPV) के अंतर्गत रखा गया। अब इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए डीआरपी को सुविधाजनक होगी।

अब सभी 4 सेक्टरों मिला कर एक सेक्टर कर दिया जाएगा। इस विकास कार्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेंडर निकाले जाएंगे जिसे अगले 7 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेष परियोजना के तहत, इस कार्य में ठेकेदार और सरकार का अनुपात 80-20 फीसदी निवेश होगा।

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