लेह लद्दाख की उंची पहाड़ियों पर 6000 मीटर की चढ़ाई

किंजल एंथोनी ने लेह लद्दाख की सबसे उंची चढाईयों में से एक कैंगीयेस्ट( kangyatse) पर 6000 मीटर की चढाई की।

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कहते है की जहां चाह होती है वहीं राह होती है। बोरिवली की आईसी कॉलनी में रहनेवाली किंजल एंथोनी ने भी कुछ इसी बात को सही कर दिखाया है।  किंजल एंथोनी ने लेह लद्दाख की सबसे उंची चढाईयों में से एक कैंगीयेस्ट( kangyatse) पर 6000 मीटर की चढाई की। आपको बता दे की इतनी उचाईयों पर जाने के बाद वहां पर ऑक्सीजन का लेवल काफी कम हो जाता है और कई बार सांस लेनें में भी तकलीफें होती है।



किंजल की इस सफलता के बाद इलाके के नगरसेविका तेजस्वी घोसालकर और मुंबई बैंक के संचालक अभिषेक घोषालकर ने किंजल से मिलकर उन्हे इस सफलता के लिए धन्यवाद दिया।  अभिषेक घोसालकर ने इस मौके पर कहा की" आज के दौर में महिलाएं किसी भी से भी पीछें नहीं है , आज के जमाने में महिलाएं मर्दो के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रही है चाहे वह पढ़ाई लिखाई की बात हो या फिर साहस की ,लेह लद्दाख की इतनी उंचाईयों पर जाने के लिए काफी साहस की जरुर होती है , अच्छी शारीरीक ताकत के साथ साथ आपको मानसिक तौर भी फिट रहना होता है "

मेहनत और अच्छी लगन पर विश्वास

किंजल का कहना है की" इतनी उचाई पर जाने के मुझे लिए काफी कड़ी मेहनत की, कई दिनों की ट्रैनिंग लेने के बाद मैने इस उचाई पर चढ़ना शुरु किया, माउंटिंग मुझे काफी पसंद है और उतनी उंचाईयों पर जाकर अपने देश का झंडा लहराने में एक अलग ही मजा है, मै कोशिश करुंगी की अगली बार मं इससे भी उंचा जा सकू"



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