130 साल का हुआ सीएसटी स्टेशन

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130 साल का हुआ सीएसटी स्टेशन

20 जून 1887 को शुरु हुआ सीएसटी स्टेशन अब 130 साल पूराना हो गया है। यह स्टेशन तब 16 लाख रुपए में बना था। जिसे विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था। इसे भारत का सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन भी माना जाता है। इसे महारानी विक्टोरिया के सत्ता संभालने के 50 वर्ष पूरा होने की याद में मुंबई के बोरी बंदर इलाके में बनाया गया था। इसे अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) के नाम से जाना जाता है। इसे यूनेस्को की विश्वविरासत सूची में भी शामिल किया गया है।

आईये जानते है इस स्टेशन के बारे में कुछ रोचक जानकारियां-

                                                                     (Image credit- wikipedia)

 (इसे बनाने का काम ग्रेट इंडियन पेनिनस्यूला रेलवे द्वारा मई 1878 में शुरू किया गया था और यह 1888 में बनकर तैयार हो गया)

                                                  (Image credit- wikipedia)

                                        (यह स्टेशन मध्य रेलवे का मुख्यालय भी है) 

                                                  (Image credit- wikipedia)

                  (वास्तु सलाहकार फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स ने इस स्टेशन के डिजायन को तैयार किया था)

                                                     (Image credit- UNESCO)

पहले इसका नाम ‘विक्टोरिया टर्मिनस’ रखा गया बाद में सन् 1996 में इसका नाम विक्टोरिया टर्मिनस से बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रखा गया।

साल 2004 में यूनेस्को ने इसे ‘विश्व विरासत’की सूची में शामिल किया।

साल 1929 में यहां प्लेटफार्म की संख्या बढ़ कर 13 हो गई। फिलहाल यहां कुल 18 प्लेटफार्म है।


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