जब दहेज में मिली थी मुंबई!

अगर हम आपसे कहें कि मुंबई हमें दहेज में मिली है तो आपको भरोसा नहीं होगा, पर यह सच है। दरअसल 1534 में, पुर्तगालियों ने गुजरात के बहादुर शाह से यह द्वीप समूह हथिया लिया था। जो कि बाद में चार्ल्स द्वितीय को दहेज स्वरूप दे दिये गया था। चार्ल्स से कैथरीन डे बर्गैन्ज़ा का विवाह हुआ था।

मुंबई सात द्वीपों का एक समूह है। यह शहर पुर्तगाली और ब्रिटिश काल के समय में महत्व में आया था। अंग्रज 17वीं शताब्दी से इस द्वीप पर पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे।

यह वक्त था जब ब्रिटिश मुंबई को हर कीमत पर हथियाना चाहते थे। इसके लिए उनकी कोशिशे भी जारी थी। आखिरकार 23 जनवरी 1661 को अग्रेजों को इसमें सफलता मिल गई। इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय और पुर्तगाल की राजकन्या कॅथरिन का विवाह हुआ। और यही मुंबई के लिए टर्निंग पॉइंट था। पुर्तगाल ने इसी दौरान राजा को दहजे के रूप में मुंबई सौंप दी। पर अधिकृत रूप से मुबई में उनका कब्जा 4 साल बाद जमा। 1664 में मुंबई पर ब्रिटिश का पूरी तरह से कब्जा हो गया था।


मुंबई का पहली मुद्रा

1678 में ब्रिटिश ने भारत में पहली मुद्रा की शुरुआत की।


सातों द्वीप पर मछुआरे

मुंबई के सातों द्वीप पर मछुआरे रहते थे। उनकी कुल देवी (मुंबादेवी) हुआ करती थी। मुंबादेवी के नाम से ही इस शहर का नाम मुंबई पड़ा।

• मुंबई के 7 सात द्वीपों में छोटे छोटे गांव और वाड़ी हुआ करती थी।

• उस समय जगह जगह नारियल के बाग हुआ करते थे।

• उस समय आमदानी का जरिया नारियल, चावल और मछली थी।


बॉम्बे कैसल

1548 से 1626 के दौरान पुर्तगालियों ने बॉम्बे कैसल का निर्माण किया। उसके बाद मुंबई में अंग्रेजों का अधिकार स्थापित हुए। जिसके बाद अंग्रेजों ने अपनी जरूरतों के हिसाब से कई बदलाव किए। उन्होंने पूरे शहर की तटबंदी की। मंबई के किलों की तटबंदी 1862-1864 के दौरान तोड़ी गई। उस दीवार का एक अवशेष आज भी सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल की दीवार पर अभी भी देखा जा सकता है।


फोर्ट

मुंबई का फोर्ट परिसर प्रमुख रूप से व्यापार और कार्यालयीन परिसर है। ब्रिटिश काल के दौरान यह परिसर व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था।

फोर्ट स्थित ताज महल होटेल का निर्माण 16 दिसंबर 1903 में किया गया था। 1865 में मुंबई के प्रसिद्ध वॉटसन हॉटेल के बॉचमैन ने जमशेदजी टाटा को होटल में अंदर लेने से मना कर दिया था। इस होटेल में भारतीय लोगों को आने की अनुमति नहीं थी। उसी सयम टाटा ने निश्चय किया था कि वो भारतीय लोगों के लिए इसी होटेल के सामने खुद का होटल बनाएंगे।


'सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल' यह नाम कैसे पड़ा?

सीएसटीएम स्टेशन के पास में ब्रिटिश द्वारा बनाया गया बड़े तटबंदी का भाग आज भी अच्छी स्थिति में है। ब्रिटिश ने इसे 'फोर्ट सेंट जॉर्ज' नाम दिया था। वर्तमान में इसी जगह पर सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल है।


चर्चगेट

चर्चगेट उस समय शहर का मुख्य दरवाजा हुआ करता था। वर्तमान में फ्लोरा फाऊंटेन के सामने स्थित है।.


आईस हाऊस का जगह पर कामा हाऊस की इमारत

1843 में अपोलो स्ट्रीट पर आईस हाऊस बनाया गया था। उस समय अमेरिका से यहां पर बर्फ आयात की जाती थी। 1870 में यह आईस हाऊस गिर गया था। उसी जगह पर कामा हाऊस की इमारत तैयार की गई।


दादर पुर्तगाली चर्च

1651 में दादर में पुर्तगाली चर्च बनाई गई। आज भी यह चर्च दादर में स्थित है।


माहिम की सेंट मायकल चर्च

माहिमचं सेंट मायकल चर्च मुंबई का प्रसिद्ध प्रार्थना स्थल है। 1534 में पुर्तगालियों ने इस चर्च का निर्माण कराया था। 1773 में इस चर्च का कायापालट किया गया।


1672 में डॉ. जॉन फ्रायर ने बनाया मुंबई का नक्शा

1925 में बना मुंबई का नया नक्शा

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