एक था जमाना दूरदर्शन का !

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एक था जमाना दूरदर्शन का !
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मुंबई  -  

मुंबई - कुछ नया लिखना था, पर हाथ रुके हुए थे, मन सोचने में आनाकानी कर रहा था। मैं झपकी मारने की कोशिश करता कि बिजली की रफ्तार से दूरदर्शन मेरे सामने धड़ाम से आ धमका...ऑफिस में मेरे सीनियर ने दूरदर्शन की बात छेड़ दी, फिर क्या था एक-एक करके अलिफ लैला, ब्योमकेश बक्शी, शक्तिमान, तहकीकात और चित्रहार जैसे अनेकों सीरियल्स की बौछार आ गई। ऑफिस के सारे लोग एक-एक करके चिड़ियों की तरह चहचहाते हुए अपना बचपना शेयर करने लगे।

मुझे भी उस दौर में घुसने में जरा भी वक्त ना लगा। सच पूछो तो क्या टाइम था वो, वैसे बचपन से तो हर किसी को प्यार होता है, पर मुझे तो बचपन से ज्यादा प्यार दूरदर्शन और उसके सीरियल्स से जान पड़ता है और मुझे नहीं लगता कि अकेला मैं ही ऐसा होउंगा।

मेरा जन्म 1988 का है सो उस समय तो कलर टीवी काफी लोगों के पास पहुंच गए थे, पर हम ब्लैक एण्ड व्हाइट टीवी को ही अपनी किस्मत मानते थे, क्योंकि हम गांव में रहते थे। गांव में गिने चुने लोगों के पास ही टीवी हुआ करते थे। टीवी जैसे चालू होती कमरा पूरा फुल हो जाता, जिसको जहां जगह मिलती बैठ जाता, कुछ खड़े ही रह जाते। हम भगवान से मनाने लग जाते कि ना तो बिजली जाए और नाही घर का कोई सदस्य टीवी बंद करे। जिसने टीवी बंद की वही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन होता था। कई बार तो आंसू बरसने में भी देरी नहीं लगती थी। वैसे और आगे लिखने जाउंगा तो काफी वक्त लग जाएगा और आर्टिकल काफी लंबा हो जाएगा। इसलिए मैं यहां पर खुद की भावनाओं को विराम देकर आपको अपने फेवरेट सीरियल्स डिटेल के साथ बता देता हूं। आप भी अपने फेवरेट सीरियल्स के नाम कॉमेंट बॉक्स में जरुर लिखें...


चंद्रकांता

चंद्रकांता 90 के दौर की सबसे फेमस टेलीविजन श्रृंखला थी, यह देवकी नंदन खत्री के उपन्यास पर आधारित थी। चंद्रकांता गुलेरी द्वारा निर्मित और सुनील अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित था। इसके 130 एपिसोड का प्रासारण 1994 से 1996 तक हुआ था। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको इसका थीम सॉन्ग जरूर याद होगा। बाद में इसे सोनी टीवी पर भी प्रसारित किया गया।

शक्तिमान

हमें आज भी ऐसा लगता है कि शक्तिमान से बड़ा कोई सुपर हीरो हो ही नहीं सकता। इसे देख लेते थे तो सारा दिन दोस्तों से शक्तिमान की स्टाइल में फाइट करते थे। शक्तिमान मुकेश खन्ना द्वारा निर्मित और दिनकर जानी द्वारा निर्देशित था। दूरदर्शन पर श्रृंखला के लगभग 400 एपिसोड प्रसारित किए गए हैं। खबरों की माने तो मुकेश खन्ना एक बार फिर शक्तिमान को अपने फैंन्स के सामने लेकर आने वाले हैं।

अलिफ लैला

अलिफ लैला ने अपने नएपन से सभी को मोहित किया था। सागर फिल्म्स द्वारा निर्मित अलिफ लैला की यादों को भूल पाना मुश्किल है। इसके 260 एपिसोड दूरदर्शन पर प्रसारित किए गए थे। इसका थीम म्यूजिक फेसम सिंगर स्वर्गीय रविंद्र जैन ने दिया था।

तहकीकात

तहकीकात 90 के दशक में सर्वश्रेष्ठ जासूसी-थ्रिलर श्रृंखला बन गई थी, हलांकि इससे प्रेरित होकर कुछ लोग असल जिंदगी में भी जासूस बन बैठे। शेखर कपूर और करण राजदान द्वारा निर्देशित तहकीकात के 13 एपिसोड बनाए गए थे। जिसे दूरदर्शन पर 1994 से 1995 के बीच प्रसारित किया गया था।

ब्योमकेश बक्शी

ब्योमकेश बक्शी के जीवन पर आधारित ब्योमकेश बक्शी पहली हिन्दी टेलीविजन श्रंखला थी। इस सिरीज ने जनता से काफी सराहनाएं बटोरी थी। 34 एपिसोड की इस सिरीज का निर्देशन बसु चटर्जी ने किया था। इसकी ओरिजनल रिलीज 1993 से 1997 है।

चित्रहार

चित्रहार के लिए हमें हप्ते भर का इंतजार रहता था, चित्रहार सप्ताह में एक दिन ही 25 मिनट के लिए प्रसारित होता था पर हमें हप्ते भर के लिए गाना गाने और झूमने का मौका दे जाता था। चित्रहार में ज्यादातर पुराने गाने चलाए जाते थे, आखिरी में जब नए गाने आते थे तो कई बार हमारी टीवी भी बंद हो जाती थी, क्योकि घर के बुजुर्गों को ये गाने पसंद नहीं हुआ करते थे।


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