उत्तर भारतीय वोटरों को लुभाने की कवायद, कजरी महोत्सव में पहुंचे आदित्य ठाकरे

अब तक उत्तर भारतीयों को बीजेपी का परंपरागत वोटर्स माना जाता था, लेकिन शिवसेना धीरे-धीरे इसमें सेंध लगाना शुरू कर दिया है।

SHARE

सोमवार को गोरेगांव के दिंडोशी में उत्तर भारतीयों के कार्यक्रम कजरी महोत्सव में युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे पहुंचे। इस दौरान उत्तर भारतीय समाज का प्रतीक माना जाने वाला लाल रंग का गमछा पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उनके साथ दिंडोशी विधानसभा के विधायक सुनील प्रभु और NCP से शिवसेना में प्रवेश करने वाले सचिन अहीर भी थे।इस कार्यक्रम का आयोजन शिवसेना के नेता आनंद दुबे और अशोक तिवारी ने किया था। कार्यक्रम में कई उत्तर भारतीय नेता सहित शिवसेना के कार्यकर्ता शामिल हुए थे जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं।

इस कार्यक्रम में आदित्य  ठाकरे ने कहा कि, जब उन्होंने अयोध्या मामले को लेकर उत्तर प्रदेश का दौरा किया था तो वहां उन्हें बहुत सम्मान और प्रेम मिला था। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या दौरे से मुझे एक ही सीख मिली कि, रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई। शिवसेना की भी यही रीत है कि जब तक अयोध्या में रामलला का मंदिर नहीं बनता, तब तक पार्टी शांत नहीं बैठेगी। आदित्य के मुताबिक, शिवसेना ने राम मंदिर से लेकर देश के किसानों तक के जितने भी कार्यों को पूरा करने का वचन दिया है। उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। 

आपको बता दें कि मुंबई और आसपास के इलाकों में कुल 40 लाख से भी अधिक उत्तर भारतीय रहते हैं। इतनी बड़ी संख्या में रहने वाले ये उत्तर भारतीय वोटर्स चुनाव में किसी भी पार्टी की किस्मत तय कर सकते हैं। इसीलिए हर पार्टी की नजर इन पर रहती है।

यही नहीं अब तक उत्तर भारतीयों को बीजेपी का परंपरागत वोटर्स माना जाता था, लेकिन शिवसेना धीरे-धीरे इसमें सेंध लगाना शुरू कर दिया है। 

आपको बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते अब सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस महाजनादेश यात्रा निकाल कर अपना जनाधार बढ़ाने में लगे हुए हैं तो वहीं शिवसेना भी परप्रान्ती वोटरों को अपने खेमे में लाने की कवायद में जुट गयी है।

पढ़ें: विधानसभा चुनाव प्रजेंटेड 'कौन बनेगा मुख्यमंत्री'

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें