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लगता है एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में जुट गए हैं। गणेशोत्सव के मद्देनजर तमाम मंडल वाले की तरफ से उनकी समस्याओं को लेकर रविवार को अमित ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस मौके पर अमित के साथ सचिव संदीप देशपांडे, संतोष धुरी, धनराज नाइक और विभिन्न गणेशोत्सव मडंल के कुछ पदाधिकारी भी थे।


कोर्ट सख्त है अवैध पंडालों के खिलाफ 
आपको बता दें कि कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश देते हुए सभी अवैध गणेश पंडालों और रस्ते में बनने वाले पंडालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। सरकार ने भी कई गणपति मंडल को नोटिस दिया है।

अमित ठाकरे ने रखा मुद्दा 
इस मुलाकत में अमित ठाकरे ने मंडल वालों की तरफ से उनकी मांग रखते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि कई मंडल काफी पुराने हैं, इनमे से कई मंडल अपनी सिल्वर, गोल्डन और डायमंड जुबली मना रहे हैं इसीलिए उन्हें मंडप बनाने की अनुमति दी जाए।

सीएम ने दिया आश्वासन 
इस पर मुख्यमंत्री ने भी अमित को नाराज नहीं करते हुए आश्वासन दिया कि अगर कानून के दायरे में रह कर सभी काम होंगे तो किसी को कोई भी परेशानी नहीं होगी, इसीलिए सभी की धूमधाम से गणपति उत्सव मनाना चाहिए। यही नहीं इसी दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता को फोन कर उनसे मंडल के विषयों पर बात की और किसी मंडल को नाहक ही परेशान नहीं करने का आदेश दिया।  

 गौरतलब है कि इसके पहले गिरगांव में एक गणपति मंडल को बीएमसी की तरफ से पंडाल बनाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद मंडल वालो ने ने एम्एनएस से मामले में दखल देने की गुहार लगाई। जिसके बाद राज ठाकरे ने मंडल वालों को बिना किसी डर के पंडाल बनाने की अनुमति दी।

कई पंडाल को नकार चुकी है बीएमसी
इस समय बीएमसी के पास 2200 मंडल में से 905 मंडल वालों ने पंडाल बनाने की अनुमति मांगी है जिसमें से बीएमसी ने 108 मंडल वालों के आवेदनों मंजूरी दे दी है जबकि 189 मंडल के आवेदनों को ख़ारिज कर दिया। जबकि 1295 मंडल को अभी भी आवेदन करना बाकी है।

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