धनंजय मुंडे के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश

फड ने आरोप लगाया था कि यह सरकारी जमीन है, जिसके चलते किसी ट्रस्ट या प्राइवेट कंपनी को यह जमीन बेंची या खरीदी नहीं जा सकती है। जिसके चलते उन्होंने मुंडे पर अपराधिक मामला दर्ज करने की अपील याचिका में की थी।

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बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने सरकार को विधान सभा में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे के खिलाफ जमीन हड़पने के मामले में अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया। मुंडे के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।

धनंजय मुंडे ने 1991 में जगमित्र चीनी कारखाने के लिए 24 एकड़ जमीन खरीदी थी। चूंकि यह भूमि पूजा स्थल थी, इसलिए राजाभाऊ फड ने इस सौदे के खिलाफ बार्दापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, इसलिए फड ने औरंगाबाद पीठ में एक आपराधिक याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान मुंडे के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया गया।

फड ने आरोप लगाया था कि यह सरकारी जमीन है, जिसके चलते किसी ट्रस्ट या प्राइवेट कंपनी को यह जमीन बेंची या खरीदी नहीं जा सकती है। जिसके चलते उन्होंने मुंडे पर अपराधिक मामला दर्ज करने की अपील याचिका में की थी। जहां एक तरफ बारिश का सत्र शुरु होने वाला है वहीं हाईकोर्ट का यह निर्णय धनंजय मुंडे के लिए मुसीबत पैदा कर सकता है। साथ ही सत्ताधारी भी मुंडे को इस मामले में घेर सकते हैं। 

इस मामले पर धनंजय मुंडे ने कहा, जगमित्र साखर कारखाना के लिए मैंने जो जमीन ली थी वह ना तो किसी संस्था की थी और नाही सरकार की जमीन थी। मैंने  किसान व बैंक के 5 हाजर 400 करोड़ रुपए का घपला करने वाले रत्नाकर गुट्टे का मामला उठाया था, उसी का बदला लेने के लिए उनके दामाद राजाभाऊ फड ने न्यायालय में शिकायत दर्ज की है।

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