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मंगलवार दोपहर को विपक्ष के मुस्लिम विधायकों ने मंत्रालय के अंदर सीढ़ियों पर बैठ कर धरना प्रदर्शन किया। ये विधायक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज थे। इन विधायकों ने मुख्यमंत्री फडणवीस पर आरोप लगाया कि वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए हिंसक झड़प को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे लेकिन मुख्यमंत्री ने मिलने से मना कर दिया। इन विधायकों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और MIM पार्टी के विधायक शामिल थे।

क्या है मामला?
अभी हाल ही में औरंगाबाद जिले में पानी को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गयी थी जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी थी। यह नहीं इस हिंसक झड़प में 100 से भी अधिक व्यापारियों की दुकानें भी जला दी गयीं थी। मामला तब और बिगड़ गया जब इस हिंसक झड़प का एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में शिवसेना के एक नेता नजर आ रहे थे। इन पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया। इस फुटेज को लेकर कांग्रेस के विधायक आसिफ शेख, अब्दुल सत्तार, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी, MIM के विधायक इम्तियाज जलिल और वारीस पठान उक्त शिवसेना नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस से उनके निवास स्थान वर्षा में मिलने का समय मांगा था, लेकिन फडणवीस ने मिलने से मना कर दिया। इसके बाद इन विधायकों ने मंत्रालय के अंदर सीढ़ियों पर बैठ गए और आंदोलन शुरू कर दिया।


सीएम ने दिया मिलने का समय 

इन विधायकों ने सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो के आधार पर आरोप लगाया कि इन दंगों के पीछे शिवसेना का हाथ है। यही नहीं इन्होने यह भी आरोप लगाया कि मुखयमंत्री देवेंद्र फडणवीस आरोपी शिवसेना नेता को बचा रहे हैं। हंगामा होता देख सीएमओ की तरफ से इन विधायकों को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए मंगलवार रात 9 बजे का समय दिया गया। इसके बाद इन विधायकों ने आंदोलन बंद कर दिया।

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