सिंचाई घोटाला से नाम हटाने की मांग, अजित पवार ने HC में दायर की याचिका

नागपुर बेंच में दायर याचिका में उन्होंने अपने ऊपर लगे सिंचाई घोटाला से नाम हटाने की मांग की है। याचिका में उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगे आरोप में योग्यता नहीं है और गलत इरादों के साथ दायर की गई है।

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (bombay high court) में याचिका दायर कर मांग की कि, उनका नाम सिंचाई घोटाला में से हटा लिया जाए। याचिका में उन्होंने कहा है कि उनके ऊपर लगे आरोप गलत इरादों के साथ लगाए गए हैं।

पवार ने अपने हलफनामे में कहा है कि, कोर्ट को ऐसे आवेदनों पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए जिनमें निजी स्वार्थों, दुर्भावनापूर्ण इरादों, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता के चलते आरोप लगाए गए हैं और जो जनहित में नहीं है। पवार ने आगे कहा, ‘मैं सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं।’ 

गौरतलब है कि इस मामले मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होनी है। इसके पहले इस मामले में एसीबी ने हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर अजित पवार को क्लीन चिट दे चुकी है। जिसके खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गयी थी। यह याचिका एक गैर सरकारी संगठन जनमंच के अतुल जगताप द्वारा दायर की गयी थी। इस याचिका में क्लीन चिट का विरोध करते हुए इस घोटाले की जांच सीबीआई से करने की मांग की गयी है।

हालांकि इस याचिका को लेकर पवार ने कहा कि, जगताप खुद एक ठेकेदार हैं और उक्त परियोजनाओं की निविदाएं उन्होंने भी भरी थी, ऐसे में उनकी याचिका को स्वीकार नहीं करना चाहिए।

आपको बता दें कि अजित पवार महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के शासनकाल के दौरान 1999 से 2009 तक जल संसाधन मंत्री थे। इन पर 72 हजार करोड़ रुपए का सिंचाई घोटाले का आरोप है।

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