क्या पंकजा मुंडे मान गयीं, कमल के फूल वाली फेसबुक पोस्ट की शेयर

पंकजा ने अपने फेसबुक पेज पर कमल की तस्वीर पोस्ट की है। साथ ही भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 135 वीं जयंती पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि वाली तस्वीर भी पोस्ट की है।

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पूर्व मंत्री और भाजपा नेता पंकजा मुंडे लगता हैं मान गयीं हैं। मंगलवार को फिर से उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर कमल की तस्वीर पोस्ट की है। साथ ही भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 135 वीं जयंती पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि वाली तस्वीर भी पोस्ट की है। इसके बाद से यह कयास लगने लगे कि पंकजा और बीजेपी के बीच सब कुछ ठीक हो गया है। साथ ही पंकजा के फेसबुक अकाउंट के अबाउट सेक्शन में उनका राजनीतिक संबंध अब भी बीजेपी के साथ ही दिख रहा है।

यही नहीं मंगलवार की दोपहर को ही भाजपा के पूर्व मंत्री विनोद तावड़े ने पंकजा मुंडे से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली। मुलाकत के बाद पंकजा मुंडे ने मीडिया से बात करते हुए मीडिया पर ही सारा दोष मढ़ दिया। उन्होंने कहा, मीडिया के एक वर्ग ने मेरी बात को ट्विस्ट किया। मैं पार्टी की सच्ची और समर्पित कार्यकर्ता हूं। मेरे पिता ने इस पार्टी को महाराष्ट्र में बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है। मैं हर साल उनकी जयंती से पहले इस तरह की पोस्ट लिखती हूं, लेकिन मेरी बातों को गलत ढंग से पेश किया गया।

उन्होंने आगे लिखा कि पहले अफवाह उड़ाई गईं कि मैं सीएम पद की रेस में हूं, फिर कुछ और ..यह सब बातें इसलिए उड़ाई जा रही हैं कि अपने काम और पद से वंचित रहूं।


इसके कुछ दिन पहले पंकजा मुंडे ने फेसबुक पर ही इशारों में ही बीजेपी छोड़ने संबंधी एक पोस्ट करके राजनीति में हलचल मचा दी थी। इसके बाद उन्होंने अपने ट्विटर बायो से बीजेपी पार्टी का नाम हटा कर अफवाहों को और बल दे दिया था।

दूसरी और शिव सेना के सांसद संजय राउत ने यह बयान देकर अफवाहों का बाजार और भी गर्म कर दिया कि बीजेपी के कई बड़े नेता शिव सेना के सम्पर्क में हैं, लेकिन अंततोगत्वा अब पंकजा ने मीडिया पर सारा ठीकरा फोड़ कर डैमेज कंट्रोल कर लिया है।

आपको बता दें कि पंकजा मुंडे बीजेपी के दिवंगत कद्दावर नेता दिवंगत नेता प्रमोद महाजन की भांजी हैं। उन्होंने ने भाजपा युवा मोर्चा से राजनीति शुरू की थी। पंकजा साल 2009 और 2014 में बीड जिले की परली विधानसभा सीट से चुनाव जीती थीं। 206 करोड़ की चिक्की घोटाले में उनका नाम आया था।


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