बीजेपी के 96 तो कांग्रेस के 83 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस

चुनावों का अध्ययन करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी किया गया है। ADR यह आंकड़ा उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामा के आधार पर जारी किया जाता है।

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टियों ने दागी छवि वाले लोगों को मैदान में उतारने में जरा भी हिचक नहीं दिखाई। इसमें सबसे आगे राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी है, जिसके कुल 162 उम्मीदवारों में से 96 उम्मीदवार (59 फ़ीसदी) ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। अच्छा, कांग्रेस पार्टी भी इस मामले में ज़्यादा पीछे नहीं है। पार्टी के कुल 83 उम्मीदवार (57 फ़ीसदी) आपराधिक मामलों में केस का सामना कर रहे हैं, जबकि शिवसेना के 48 फ़ीसदी और एनसीपी के 35 फ़ीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर मामलों में आपराधिक मामले दर्ज़ हैं। यह आंकडें चुनावों का अध्ययन करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी किया गया है। ADR यह आंकड़ा उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामा के आधार पर जारी किया जाता है।

96 फीसदी उम्मीदवार पर दर्ज है केस 
ADR की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के कुल 96 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। इसमें भी 59 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ हत्या, हत्या के प्रयास या ऐसे ही अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं। कांग्रेस के कुल 83 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस चल रहा है। इसमें भी 44 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामलों में केस दर्ज़ हैं।  

हत्या और रेप जैसे आरोप 
अगर ओवरआल बात करें तो मौजूद कुल 916 उम्मीदवारों में से यानी 29 फ़ीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ़ सामान्य अपराधों में केस चल रहा है। इनमें 600 उम्मीदवारों यानी 19 फ़ीसदी के ख़िलाफ गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज़ है। 19 उम्मीदवारों के ख़िलाफ तो हत्या का केस चल रहा है तो 60 उम्मीदवारों के ख़िलाफ हत्या करने का प्रयास मामले के तहत केस दर्ज़ है, जबकि 67 उम्मीदवारों पर महिलाओं से छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज है इसमें भी 4 पर बलात्कार करने जैसे संगीन आरोप दर्ज़ हैं। चौकानें वाली बात यह यह है कि कुल 288 में से 176 विधानसभा सीटें हैं जिन्हें रेड अलर्ट सीट घोषित किया गया है। यानी इन सीटों पर कम से कम 3 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके ख़िलाफ कोई न कोई आपराधिक मामला दर्ज़ हुआ है। 

तादाद हुई है कुछ कम
ADR ने चुनाव लड़ रहे 3237 उम्मीदवारों में से 3112 उम्मीदवारों की तरफ़ से दायर किये गए हलफ़नामे का अध्ययन किया है। गनीमत की बात यह है कि साल 2014 में हुए चुनाव की तुलना में इस बार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की तादाद कम है। 2014 में जहां ऐसे उम्मीदवारों की संख्या 34 फ़ीसदी थी वहीं 2019 में ऐसे उम्मीदवार घटकर 29 फ़ीसदी रह गए हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे जबकि 24 अक्टूबर को रिजल्ट जारी किये जाएंगे।

कई करोड़पति हैं मैदान में
इस बार के चुनाव में 1007 उम्मीदवार यानी 47 फ़ीसदी ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति कम से कम 1 करोड़ घोषित की है। बीजेपी के तो 155 यानि 96 फ़ीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं जबकि कांग्रेस के 126 यानि 86 फ़ीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसी तरह शिवसेना के 94 और एनसीपी के 87 फ़ीसदी उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ से ज़्यादा घोषित की है। बीजेपी के पराग शाह सबसे अमीर उम्मीदवार हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति 500 करोड़ घोषित किया है।  

पढ़ें: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव- किस पार्टी के घोषणापत्र में क्या है खास!

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