महाराष्ट्र: 19,784 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे वाला अंतरिम बजट हुआ पेश

सुधीर मुंगटीवार ने वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए राजस्व आय 3,14,489.00 करोड़ रुपये और राजस्व खर्च 3,34,273.39 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया है।

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महाराष्ट्र की देवेंद्र फणनवीस सरकार ने शुक्रवार को चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य का पांचवा अंतरिम आर्थिक बजट पेश किया। इस बजट को पेश किया राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने। यह बजट आगामी चार महीनों यानी अप्रैल से लेकर जुलाई तक के लिए है। सुधीर मुंगटीवार ने वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए राजस्व आय 3,14,489.00 करोड़ रुपये और राजस्व खर्च 3,34,273.39 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया है। इसका मतलब महाराष्ट्र सरकार की ओऱ से 19,784.38 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया गया है। यही नहीं राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं पर कुल 99 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान भी किया है। 

वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 में कुल 3,01,342.86 करोड़ राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद जताई थी। जिसमें से यह वित्तीय वर्ष 2018-19 खत्म होने में अभी एक महीना बाकी होने के बावजूद भी कुल 3,01,459.74 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसी वजह से चालू आर्थिक वर्ष में 15,374.90 करोड़ रुपये का राजस्व घाटे का अनुमान नियंत्रित होकर 14,960.04 करोड़ रुपये हो गया है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार राज्य के सकल कर्ज में कमी आई है। सरकार ने कर्ज पर नियंत्रण रखते हुए सकल कर्ज की रकम को 4 लाख 14 हजार 411 करोड़ रुपये पर सीमित करने में सफलता पाई है। इसके अलावा सरकार ने इस अंतरिम बजट में कृषि क्षेत्र पर फोकस किया है। 

इस बजट के प्रमुख अंश इस तरह हैं:

4666 किमी लंबाई से 21,473 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया

मुंबई में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 11.4 से 276 किमी तक किया गया 

किसान, युवाओं और समाज के वंचित घटकों के साथ ही महिला सुरक्षा पर देंगे ध्यान 

सूखा व अकालजन्य परिस्थितियों से निबटने के लिए 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान

महाराष्ट्र में देश के रोजगार सृजन का 25%, यानी 20 लाख 60 हजार युवाओं का रोजगार

सिंचाई योजनाओं के लिए 8,733 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद

अरब सागर में शिव स्मारक के लिए भविष्य में धन की कम नहीं होने देंगे 

विदर्भ व मराठवाड़ा क्षेत्रों में किसानों के लिए अलग से आर्थिक मदद 

एक लाख सोलर पंप स्थापित करने का लक्ष्य

जलयुक्त शिवार अभियान के तहत 1500 करोड़ रुपये

लोक निर्माण विभाग के तहत 8500 करोड़ की सड़कों का प्रस्ताव

सूक्ष्म सिंचाई व खेत कुएं निर्माण के लिए रोजगार गारंटी योजना विभाग को 5,187 करोड़ रुपये 

10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन

कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए भी 3,498 करोड़ रुपये

समृद्धि हाईवे के लिए 7 हजार करोड़ की जमीन का अधिग्रहण

कृषि पंप बिजली योजना के लिए 900 करोड़ रुपये 

मुंबई तट पर रोरो सेवा के निर्माण की होगी प्रगति 

स्मार्ट सिटी व अमृत अभियान के लिए 2400 करोड़ रुपये

मेक इन महाराष्ट्र, मैग्नेटिक महाराष्ट्र, मेक इन इंडिया के माध्यम से महाराष्ट्र में सीधे 3,36,000 करोड़ का प्रत्यक्ष निवेश

ऊर्जा विभाग की बुनियादी सुविधाओं के लिए 6306 करोड़ रुपये, 

प्रस्तावित 42 सूचना प्रौद्योगिकी उद्यानों के माध्यम से 1500 करोड़ रुपये का निवेश करने की उम्मीद है। इससे 1 लाख रोजगार पैदा होने की संभावना

राज्य परिवहन महामंडल के बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए 270 करोड़ रुपये

ग्राम सड़क योजना के लिए 2164 करोड़ रुपये

प्रधान मंत्री योजना के तहत, नागरिकों को 385 शहरों और 2019-20, 689 5 करोड़ का लाभ मिलेगा

सड़कों के सर्वांगीण विकास व हाईब्रीड एन्युइटि मॉडेल के तहत 3700 करोड़ रुपये

राज्य के सड़क विकास के लिए भी 8500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से बिजली पैदा करने पर ध्यान दें। इस वर्ष 1 करोड़ 87 लाख रुपये का प्रावधान।

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