बजट 2018 को सीएम ने बताया हिट , तो विपक्ष ने बताया जुमला !

विपक्षी पार्टियों ने इस जनता के साथ छलावा करार दिया है। प्रधानमंत्री इस बजट को 'सबका साथ-सबका विकास’की संकल्पना से जोड़ रहे है।

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में देश का बजट पेश किया । जहां एक तरफ सरकार इस बजट को किसानों और गरीबों का बजट बता रही है तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने इसे जनता के साथ छलावा करार दिया है। प्रधानमंत्री इस बजट को 'सबका साथ-सबका विकास’की संकल्पना से जोड़ रहे है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने इस बजट को किसान , गरीब महिला,युवक,पिछड़ी जाती और वरिष्ठ नागरिकों का बजट बताया है। हालांकी वही दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने भी इस बजट पर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।


वित्त बजट में आम आदमी पर ग्रहण

चंद्रग्रहण भले ही खत्म हो गया हो लेकिन इस बजट के बाद भी आम आदमी पर लगा ग्रहण खत्म नहीं हुआ है। चार साल पहले लगा ग्रहण अभी तक खत्म नहीं हुआ है। नोटबंदी के कारण कृषि क्षेत्र को 60 से 70 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इतना ही नहीं जीएसटी लागू होने के बाद भी केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष कर में कटौती की बाद कही थी, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस बजट से आम आदमी को सिर्फ निराशा ही मिली है।-  विधान परिषद में एनसीपी पार्टी के नेता धनंजय मुंडे ने


कांग्रेस ने कहा जुमलेबाजी

विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने भी बजट पर निशाना साधते हुए कहा की चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने केवल जुमला बजट पेश किया है। इसी तरह के कई जुमले उन्होने 2014 के लोकसभा चुनाव में दिये थे, जिन्हे अभी तक पूरा नहीं किया गया है।

राज्य के ऊर्जामंत्री बावनकुले का कहना है की केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने देश के लिए जो बजपेश किया है, उससे भारत की ग्रामीण व्यवस्था को ताकत मिलेगी। इसके साथ ही इस वित्त बजट से मेक इन इंडियां को भी ताकत मिलेगी।

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