स्मारक के लिए निकला टेंडर, बजट भी बढ़ा

 Dadar
स्मारक के लिए निकला टेंडर, बजट भी बढ़ा

दादर के इंदु मिल में डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर का भव्य स्मारक बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आख़िरकार टेंडर निकाल ही दिया गया। एमएमआरडीए द्वारा निकाले गये इस टेंडर का बजट पहले 500 करोड़ रूपये रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ा कर 550 करोड़ रख दिया गया।

इस स्मारकों को इंदु मिल के 12 एकड़ की जगह पर बनना तय हुआ है। पहले इस स्मारक के बनने के लिए एनटीसी (National textile corporation) की तरफ से तकनीकी कारणों से मंजूरी नहीं मिली थी लेकिन बाद में सभी तकनीकी गड़बड़ियां सुधारते हुए इसे भी मंजूरी दे दी गयी। पहले इस स्मारक का मूल खर्च 435 करोड़ रूपये बताया गया फिर बाद में 500 करोड़ किया गया, लेकिन टेंडर पास करते समय इसका बजट 550 कर दिया गया। कयास लगाया जा रहा है कि स्मारक का काम 3 साल में पूरा कर लिया जाएगा।

बढ़ते बजट को लेकर रिप्ब्लिकन सेना के अध्यक्ष आनंदराज आंबेडकर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट किस आधार पर बढ़ाया जा रहा है सरकार इसकी कोई सुचना जनता को नहीं दे रही है। हमारी मांग है कि सरकार को एक विशेष बैठक आयोजित कर जनता के सामने इसके डिजाइन पेश करना चाहिए, लेकिन सरकार अपनी मनमानी कर रही है।

रिप्ब्लिकन सेना के ही अध्यक्ष रमेश जाधव ने एमएमआरडीए की आलोचना करते हुए कहा कि टेंडर में 550 करोड़ का बजट दिखाया गया है लेकिन इसका बजट 800 करोड़ तक जाएगा। उन्होंने आर्किटेक्चर शशि प्रभु के द्वारा बनाए गये स्मारक के डिजाइन पर एमएमआरडीए के द्वारा गोलमाल करने का अंदेशा जाहिर करते हुए कहा कि स्मारक 12 देशों से स्मारक का डिजाइन मंगवाया गया था लेकिन शशिप्रभु का डिजाइन ही क्यों पास हुआ. उन्होंने कहा कि डिजाइन को सार्वजनकि कर उसके चुनाव किये जाने की जरुरत थी। जाधव ने कहा कि अभी भी समय है डिजाइन का प्रदर्शन कर उसे चुना जाना चाहिए। 

शुकाणु समिति की बैठक 

जाधव ने कहा कि स्मारक के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सुकाणु समिति का गठन किया गया था, जिसमें प्रकाश आंबेडकर, आनंदराज आंबेडकर, मिराताई आंबेडकर, रामदास आठवले. जोगेंद्र कवाडे जैसे लोग शामिल थे। लेकिन दो साल के बाद भी सुकाणु समिति की एक भी बैठक नहीं हुयी. समिति का कार्य स्मारक के कार्य का प्रारूप तैयार करना और देखरेख करना है। 

 




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