राज ठाकरे ने पहली बार दिया हिंदी में भाषण , कहां यूपी बिहार के नेताओं से पूछों की वहां रोजगार क्यों नहीं?

इसके साथ ही राज ठाकरे ने ये भी कहा की हिंदी अच्छी है, लेकिन इसका राष्ट्रीय भाषा होना ठीक नहीं

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मनसे प्रमुख राज ठाकरे रविवार को कांदिवली के भूराभाई हॉल में उत्तर भारतीयों के एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथी शामिल हुए। राज ठाकरे ने इस कार्यक्रम में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होने कहा की मुंबई और महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश , बिहार , झारखंड से आते है , इन सभी लोगों को अपने अपने राज्यों के नेताओं से पुछना चाहिये की अभी तक उनका राज्य औद्योगिकरण के मामले में पीछें क्यो है? अभी तक उन सभी राज्यों में रोजगार क्यों नहीं पैदा हुए है?

हिंदी भाषा का राष्ट्रीय भाषा होने ठिक नहीं

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि हिंदी एक सुंदर भाषा है, लेकिन इसका राष्ट्रभाषा होना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा को लेकर कभी कोई निर्णय नहीं लिया गया। हिंदी की तरह ही मराठी, गुजराती, तमिल आदि भी इसी देश की भाषाएं ही हैं।

स्थानिय भाषा और संस्क़ृति का सम्मान

राज ठाकरे ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा की ‘‘मुंबई आने वाले लोगों में अधिकांश लोग यूपी, बिहार, झारखंड और बांग्लादेश से हैं. मैं सिर्फ यह चाहता हूं कि अगर लोग आजीविका की तलाश में महाराष्ट्र आ रहे हैं, तो उन्हें स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए,

बीजेपी पर भी साधा निशाना

राज ठाकरे ने गुजरात में हुए उत्तर भारतीयों पर हमले के बारे में बोलते हुए कहा की जब भी मैं अपना पक्ष रखता हूं जिससे यूपी और बिहार के लोगों के साथ विवाद हो जाता है, तो हर कोई मेरी आलोचना करता है. लेकिन हाल में गुजरात में बिहारी लोगों पर हुये हमलों के बाद, किसी ने भी सत्तारूढ़ दल (भाजपा) या प्रधानमंत्री (जिनका गृह राज्य गुजरात है) से सवाल नहीं किया।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे का पूरा भाषण हिंदी में 


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